जिला जज सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने हत्या और जानलेवा हमले के दोषी आसपुर देवसरा थानाक्षेत्र के रमगढ़ा निवासी नितेश तिवारी को आजीवन कारावास एवं एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया। कोर्ट ने शस्त्र अधिनियम में दोषी नितेश को दो वर्ष कारावास एवं 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की आधी राशि मृतक देवानंद तिवारी के पिता को देने का आदेश कोर्ट ने दिया। राज्य की ओर से पैरवी डीजीसी योगेश शर्मा ने की।
आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के रमगढ़ा निवासी वादी मुकदमा उमेश चंद तिवारी के मुताबिक घटना 17 सितंबर 2019 की है। शाम 6:30 बजे गांव के सनी तिवारी उसके 15 वर्षीय पुत्र देवानंद तिवारी को घर से बुलाकर बाबूराम चौराहा ले गए। वादी विद्यालय से घर पहुंचा कि सनी उसके बेटे को लेकर घर पहुंचा। वादी के पुत्र देवानंद ने बताया कि गांव के ही नितेश तिवारी ने उसे गोली मार दी।
वादी अपने बड़े बेटे अंबुज के साथ देवानंद को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमरगढ़ गया। वहां से उसे प्रतापगढ़ रेफर कर दिया गया। प्रतापगढ़ से प्रयागराज और प्रयागराज से लखनऊ रेफर कर दिया गया। केजीएमयू लखनऊ के ट्राॅमा सेंटर में उसे भर्ती कराया गया। रीड की हड्डी में गोली फंसने के कारण इलाज के दौरान 30 सितंबर 2019 को उसकी मृत्यु हो गई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दोषी का आजीवन कारावास व अर्थदंड से दंडित किया।