पुराने व काले मीटरों के दिन लद गए। उनके स्थान पर नये इलेक्ट्रानिक मीटर लगाए जाएंगे। शहर में 7 हजार नये मीटर लगाने की तैयारी है। अब जो भी मीटर लगेंगे वे घर के बाहर होंगे। ताकि रीडिंग आदि में परेशानी न हो।
अधिकांश घरों में अभी भी पुराने वाले काले और गोल-गोल घूमने वाले मीटर ही लगे हुए हैं। मीटर खराब होने व धीमा चलने की शिकायत चेकिंग अभियान में विभाग को मिल रही है। इन मीटरों से सही रीडिंग न मिलने से बिल भी सही नहीं आ रहा है। अभियान के तहत गड़बड़ी वाले सात हजार मीटर मिलें हैं।
विभाग ने इनको चिह्नित कर लिया है। इनके स्थान पर नये इलेक्ट्रानिक मीटर लगेंगे। बुधवार को प्रतापगढ़ आए अधीक्षण अभियंता वितरण द्वितीय इलाहाबाद इंजीनियर आरके शर्मा ने अमर उजाला से बातचीत में यह जानकारी दी। कहा कि केन्द्रीय विद्युत नियामक आयोग ने आरएपी योजना के अंतर्गत विद्युत तारों व ट्रांसफार्मरों के साथ ही मीटर के बदलाव के निर्देश दिए हैं। उसी क्रम में प्रतापगढ़ शहर में भी सात हजार नये मीटरों के लगाने की तैयारी है। पुराने की जगह नये मीटर लगाने की प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू कर दी जाएगी। संबंधित एसडीओ व जेई को नये मीटर लगाने का निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि ये सभी मीटर घरों के अंदर न लगाकर बाहर लगाये जाएंगे। दरअसल, घरों के अंदर जो भी मीटर लगें हैं। उनकी जांच करने में दिक्कत आ रही है।
मीटर लगाने का कोई निर्धारित स्थान न होने से छेड़छाड़ की संभावना बनी रहती है। शर्मा ने बताया कि ग्रामीणांचलों में भी मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले चरण में शहर के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले उपभोक्ताओं को शामिल किया जा रहा है।