मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान के बाद घर जा रहे स्नानार्थियों के वाहनों के रेले से यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। इससे इलाहाबाद- फैजाबाद हाइवे पर पांच किमी लंबा जाम लग गया। सोनावां से लेकर कुसमी रेलवे क्रासिंग तक वाहन रेंगते रहे। जाम की समस्या दूर करने के लिए न तो सिविल पुलिस दिखी और न ही यातायात विभाग के सिपाही ही नजर आए।
मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान कर मंगलवार की शाम से ही स्नानार्थियों का रेला अपने साधनों से घर लौटने लगा। रात करीब नौ बजे के बाद चिलबिला रेलवे क्रासिंग पर दोनों ओर से वाहनों के निकलने के कारण जाम की समस्या पैदा हो गई। सई पुल से लेकर सदर तिराहे पर वाहनों के आगे-पीछे निकलने की होड़ के चलते इलाहाबाद- फैजाबाद हाइवे पर जाम की समस्या के बाद भी सिविल पुलिस समय पर नहीं चेती।
नतीजा दोनों ओर से आने जाने वाले वाहनों का लंबी कतार लगती चली गई। गंगा स्नान के बाद दूसरे प्रांत के स्नानार्थी भी बसों, मैजिक व दूसरे साधनों से घर जा रहे थे। इसलिए सुलतानपुर की ओर जाने के लिए बड़े वाहनों का काफिला दस बजे तक बाबागंज तक पहुंच गया। जाम हटवाने के बजाय कोतवाली पुलिस के साथ ही यातायात विभाग के लोग सोते रहे। इससे सोनावां से लेकर कुसमी रेलवे क्रासिंग तक जाम पहुंच गया। रात करीब नौ बजे से जाम की समस्या झेल रहे स्नानार्थियों की समस्या दूर करने के लिए भोर पांच बजे कोतवाली पुलिस व यातायात पुलिस की नींद खुली। इसके बाद जाम की समस्या दूर करने की कवायद प्रारंभ हुई। आधे घंटे में ही जाम से लोगों को निजात भी मिल गया।
मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान कर लौट रहे स्नानार्थियों के उमड़े रेले से हाइवे पर लगे जाम में अस्पताल जा रहे मरीज भी फंसे। चिलबिला क्रासिंग से लेकर गोपालापुर तक चार पहिया वाहन तो दूर बाइक भी निकलने में दिक्कत हो रही थी। इसके चलते मरीजों को लेकर लोगों को दूसरे रास्ते से अस्पताल पहुंचना पड़ा। इस दौरान जाम से बचने के लिए कई एंबुलेंस को भी रास्ता बदलकर जिला व महिला अस्पताल तक पहुंचना पड़ा।
इलाहाबाद- फैजाबाद राजमार्ग पर लगे जाम से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्नानार्थी जाम का कारण आसपास के लोगों से पूछ रहे थे लेकिन कोई वजह बताने को तैयार नहीं था। परेशान लोगों ने कंट्रोल रूम को समस्या से अवगत कराने के लिए फोन भी लगाया लेकिन किसी ने काल रिसीव नहीं की।