ग्रामीणों को अब राजस्व अभिलेखों से संबंधी कार्य के लिए तहसील के चक्कर नहीं लगाने होंगे। जिले के 1148 ग्राम पंचायतों में अब लेखपाल भी बैठेंगे।
पंचायती राज विभाग ने राजस्व विभाग को ग्राम पंचायतों के पंचायत भवनों की सूची उपलब्ध करा दी है। पंचायत सहायकों के साथ लेखपाल के बैठने से आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र बनवाने में ग्रामीणों को सहूलियत होगी। खतौनी और जमीन से जुड़े विवाद के लिए भी तहसील की दौड़ लगाने से छुटकारा मिलेगा।
डीपीआरओ श्रीकांत दर्वे ने बताया कि लेखपाल के बैठने के लिए पंचायत भवन अतिरिक्त कक्ष की व्यवस्था की गई है। जल्द ही लेखपाल पंचायत भवनों में ग्राम पंचायतों के राजस्व संबंधी कार्य का निस्तारण करेंगे। उन्होंने बताया कि पंचायत भवनों में लेखपालों के बैठने के दिन के निर्धारण को लेकर डीएम के निर्देश के बाद निर्णय लिया जाएगा।