पट्टी ग्राम न्यायालय की स्थापना के बाद अलग-अलग अधिवक्ता संगठन अपनी आवाज बुलंद करते हुए तीन दिन से धरना दे रहे हैं। कोर्ट तथा कचहरी के अलग-अलग गेट पर ताला बंदी कर अधिवक्ताओंं ने विरोध जताया। आमसभा कर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दायर कर पट्टी ग्राम न्यायालय की स्थापना के फैसले को निरस्त कराने के प्रस्ताव पर मंथन किया गया।
बृहस्पतिवार को धरने के तीसरे दिन कोर्ट के गेट पर आमसभा में वक्ताओं ने विचार प्रस्तुत कर पट्टी ग्राम न्यायालय का विरोध किया। वक्ताओं ने कहा, अधिवक्ताओं के साथ अन्याय किया गया है। वह इसकी लंबी लड़ाई लड़ेंगे। सुरक्षा में पुलिस तैनात रही लेकिन वकीलों की ओर से किसी भी अधिकारी, कर्मचारी, वादकारी व वकील के प्रवेश करने पर रोक लगाई गई थी।
कचहरी परिसर के भीतर चायपान की दुकानें भी बंद रहीं। स्टेशनरी सहित अन्य दुकानें बंद होने से सन्नाटा पसरा रहा। डीएम, एडीएम की कोर्ट सहित उप निबंधक कार्यालय में ताला बंद होने की वजह से तीन दिन से सरकार का करोंड़ों रुपए का राजस्व नुकसान हो रहा है। जूनियर बार एसोसिएशन पुरातन के अध्यक्ष इंदुभाल मिश्र, महामंत्री संतोष नारायण मिश्र, पूर्व महामंत्री जेपी मिश्रा, मुक्कू ओझा, विवेक त्रिपाठी, ओम प्रकाश मिश्र, अबरार जहानिया, सुधीर सहित अधिवक्ता मौजूद रहे।