कानूनगो व लेखपाल से मारपीट के मामले में तीन वकीलों पर मुकदमा दर्ज होने के विरोध में शुक्रवार को कुंडा तहसील में अधिवक्ताओं ने तालाबंदी कर दी। किसी को भी तहसील परिसर में प्रवेश करने नहीं दिया गया। अधिवक्ताओं का आरोप था कि पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है। वकीलों की तरफ से तहरीर देने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा है। बाद में वकीलों ने एएसपी से मिलकर केस दर्ज करने की मांग की।
कुंडा तहसील में कार्यरत कानूनगो कीर्तिकांत श्रीवास्तव और लेखपाल रमेशचंद्र कुरील की मंगलवार शाम कुछ लोगों से मारपीट हो गई थी। इस मामले में कानूनगो की तहरीर पर दो अधिवक्ताओं समेत तीन लोगों पर केस दर्ज किया गया था। मामले को लेकर दो दिन से अधिवक्ता आंदोलित हैं। शुक्रवार को वकीलों ने कुंडा तहसील में तालाबंदी कर दी। इस दौरान वे पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। उनका आरोप था कि पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है।।
वकीलों की तरफ से दी गई तहरीर पर केस नहीं दर्ज किया गया। इसके बाद वकीलों ने मनगढ़ में एडिशनल एसपी से मुलाकात कर केस दर्ज करने की मांग की। इस पर एएसपी ने कुंडा कोतवाल को मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर इसके बाद भी केस नहीं दर्ज किया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर शीतला प्रसाद यादव, विजय तिवारी, शीतला प्रसाद केसरवानी, अंजनी सिंह, रमाकांत तिवारी, अशोक पांडेय, कौशलेश पांडेय, दयाशंकर मिश्र, रामचंद्र विश्वकर्मा, शिवप्रकाश तिवारी समेत दर्जनों अधिवक्ता मौजूद रहे।