एसडीएम चेंबर में जनसुनवाई के दौरान दो अधिवक्ताओं के बीच विवाद और फायरिंग के मामले में तहसील प्रशासन ने भी वकीलों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
घटना और मुकदमे के विरोध में तहसील के अधिवक्ता सोमवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे। अनहोनी की आशंका को देखते हुए पुलिस व पीएसी के जवान तहसील में प्रवेश करने वालों की सघन तलाशी लेते रहे।
शुक्रवार को तहसील परिसर में तहसीलदार के चैंबर में बैठकर जनसुनवाई कर रहे एसडीएम तनवीर अहमद के सामने वादकारी के मामले को लेकर अधिवक्ता मनीष तिवारी व विकास श्रीवास्तव के बीच कहासुनी के दौरान हाथापाई हो गई। इस बीच विकास ने फायर कर दिया। बुलेट कार्यालय के छत से टकरा गई।
फायरिंग से एसडीएम व कई अधिवक्ता बाल-बाल बचे। इस मामले में अधिवक्ता मनीष की तहरीर पर पुलिस ने उसी दिन मुकदमा दर्ज कर लिया। अभी पुलिस आरोपी अधिवक्ता विकास की तलाश का दावा कर रही है। उनके एक करीबी को पुलिस गिरफ्तार कर कार्रवाई कर चुकी है।
इधर तहसील में हुई फायरिंग के मामले में रविवार को नाजिर की तहरीर पर अधिवक्ता मनीष तिवारी, विकास श्रीवास्तव व अन्य के खिलाफ पुलिस ने सरकारी कामकाज समेत अन्य अपराध में मुकदमा दर्ज कर लिया।
घटना को बार अध्यक्ष राधा रमन मिश्र दुर्भाग्यपूर्ण ठहरा चुके हैं। सोमवार को मुकदमे व घटना के विरोध में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।