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चार टीमें, 60 घंटे, नतीजा शून्य

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कचहरी में अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण बंद डीएम कार्यालय। - फोटो : PRATAPGARH
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अधिवक्ता हत्याकांड: चार टीमें, 60 घंटे, नतीजा शून्य
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अधिवक्ता ओम मिश्र के नामजद हत्यारोपी नहीं लगे हाथ, पुलिस दे रही दबिश
प्रतापगढ़। विश्व हिंदू परिषद कुंडा प्रखंड के अधिवक्ता ओम मिश्र की गोली मारकर हत्या करने वाले बदमाश 60 घंटा बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ नही लगे। नामजद हत्यारोपियों की तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगातार दबिश देने का भले ही दावा कर रही हैं लेकिन एक भी आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगे। उधर, तीसरे दिन अधिवक्ता के शव का अंतिम संस्कार हो सका। साथ ही अधिवक्ता की हत्या के विरोध में बुधवार को भी वकील न्यायिक कार्य से विरत रहे। कलेक्ट्रेट में जुलूस निकालकर तालाबंदी कराई। तय हुआ कि जल्द ही वकीलों की आमसभा बुलाकर रणनीति बनाई जाएगी कि वकीलों के साथ होने वाली घटनाओं में कोई भी अधिवक्ता साथी वकालतनामा दाखिल न करें।
महेशगंज थाना क्षेत्र के कलिकापुर ढिंगौसी निवासी अधिवक्ता विहिप कुंडा प्रखंड के जिलाध्यक्ष ओम मिश्र की सोमवार की सुबह जेठवारा इलाके के सोनपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद आरोपी भाग निकले। ग्रामीणों से पूछताछ के बाद पुलिस बदमाशों की तलाश करने लगी। मृतक के भाई लवलेश की तहरीर पर पुलिस लाला का पुरवा के प्रधान के बेटे महेंद्र यादव, बेलाही निवासी रऊफ समेत चार नामजद व दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी। घटना के दिन जेठवारा पहुंचे डीआईजी केबी सिंह ने तीन टीमें गठित की थी। महेशगंज, जेठवारा व स्वाट टीम को नामजद आरोपियों की धरपकड़ का निर्देश दिया था। घटना को बीते 60 घंटे से अधिक का समय हो रहा है लेकिन तीनों टीमों के हाथ खाली हैं। अभी तक एक भी नामजद आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगा। घर से परिवार के हर सदस्य फरार हैं। पुलिस लगातार उनके घरों व रिश्तेदारियों में दबिश दे रही है। सभी का मोबाइल भी बंद चल रहा है। वे अपने रिश्तेदारों से भी बातचीत करना बंद कर दिए हैं। पुलिस तीन दिन बाद भी बाइक पर पीछे बैठने वाले युवक तक को खोजने में नाकाम रही। एएसपी पश्चिमी दिनेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि आरोपियों को दबोचने के लिए टीमें लगातार दबिश दे रहीं हैं। जल्द ही उन्हें दबोच लिया जाएगा।
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प्रधान के घर भी लटक रहा ताला, बेलाही में भी पसरा सन्नाटा
अधिवक्ता ओम मिश्र की हत्या में नामजद प्रधान के बेटे महेंद्र यादव के घर पर ताला लटक रहा है। महिलाओं ने भी घर छोड़ दिया है। पुलिस लगातार प्रधान से जुड़े लोगों के जरिए महेंद्र तक पहुंचने की जुगत में लगी है लेकिन अभी तक नाकामी हाथ लगी है। बेलाही गांव में भी नामजद आरोपियों के अलावा दूसरे घरों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। जिन घरों में महिलाएं या बच्चे हैं। वहां घटना को लेकर ही चर्चा चल रही है। हर कोई घटना में शामिल लोगों के साथ ही हत्या के बाद हालात पर चर्चा करने में मशगूल है। पुलिस भी बेलाही व प्रधान के घर के बाहर लगातार नजर रखे हुए है।
जेठवारा के बाद ही बाइक पर बैठा
अधिवक्ता ओम मिश्र सोमवार को जेठवारा पेट्रोल पंप तक अकेले आए हैं। सीसीटीवी फुटेज की खोजबीन में यह देखने को मिला। ऐसे में पुलिस संदेह जता रही है कि बाइक पर पीछे बैठने वाला युवक पेट्रोल पंप के आगे ही ओम मिश्र को रोककर बैठा होगा। मौका पाकर वह पेशाब के बहाने रुका और उसके साथियों ने ओम की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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तीसरे दिन शव का हुआ अंतिम संस्कार, प्रशासन ने ली राहत की सांस
जेठवारा। अधिवक्ता ओम मिश्र के शव का तीसरे दिन अंतिम संस्कार हो सका। जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। महेशगंज के कलिकापुर ढिग़ौसी निवासी अधिवक्ता व विहिप अध्यक्ष ओम मिश्र की हत्या के बाद आक्रोशित परिजन इंसाफ की मांग कर रहे थे। शव को दो दिनों तक घर पर ही रखकर मांगों को पूरा होने का इंतजार करते रहे। प्रभारी मंी स्वाति सिंह भी परिजनों को मना पाने में नाकाम रहीं। हालांकि देर शाम परिजन शव लेकर कचहरी पहुुंचे। जहां से मांग पूरी होने पर 35 घंटे बाद पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने में कामयाब रही। आधी रात को पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिजन घर पहुंचे। पुलिसकर्मी रात भर मुस्तैद रहे। बुधवार की सुबह परिजन शव अंतिम संस्कार के लिए लेकर श्रृंग्वेरपुर रवाना हुए। उनके साथ महेशगंज पुलिस भी मुस्तैद रही। शव का अंतिम संस्कार होने के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।

साथी अधिवक्ता की हत्या के विरोध में सीआरओ कार्यालय बंद कराते अधिवक्ता।- फोटो : PRATAPGARH

कचहरी में मांगो को लेकर हड़ताल कर प्रदर्शन करते अधिवक्ता।- फोटो : PRATAPGARH

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