सदर ब्लाॅक के पूरे केशवराय में शासन ने 2017 में 22 करोड़ की लागत से ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कराया था। भवन तैयार होने के नौ साल बाद अस्तित्व में आने के पहले बाईपास निर्माण के चलते भवन को कंडम घोषित कर दिया गया। वहीं, किसी दूसरे स्थान पर ट्रॉमा सेंटर तैयार नहीं किया गया। ऐसे में घायलों को एसआरएन प्रयागराज या एम्स रायबरेली रेफर किया जाता है।
ट्रॉमा सेंटर के संचालन के लिए आउटसोर्सिंग से 20 कर्मचारियों की नियुक्ति हुई थी। संचालन नहीं होने से कर्मचारियों को एक साल बाद हटा दिया गया। परिसर में झाड़ियां उगी हैं। बाईपास निर्माण के पहले कार्यदायी संस्था ने शासन का पत्र भेजकर ट्रॉमा सेंटर को गिराने की मांग की थी। जिसे स्वीकृति दे दी थी। फाइलों में इसे कंडम घोषित कर दिया गया।
बोले लोग
ट्रॉमा सेंटर को कंडम घोषित कर दिया गया। ट्रॉमा सेंटर का निर्माण होने के बाद संचालन नहीं हुआ। अगर संचालन होता तो गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज हो जाता। - सचिन सिंह, बलीपुर।
ट्रॉमा सेंटर के संचालन से मरीजों को काफी सहूलियत मिलती है। सड़क हादसे में घायलों का समय रहते इलाज कर चिकित्सक उनकी जान सकते हैं लेकिन अब ट्रॉमा सेंटर को कंडम घोषित कर दिया गया है। - मोनू दूबे, पूरे ईश्वरनाथ।
वर्जन-
शासन के आदेश पर पूरे केशवराय ट्रॉमा सेंटर को कंडम घोषित किया गया है। नए स्थान पर ट्रॉमा सेंटर के निर्माण के लिए आदेश अब तक नहीं आया है। - डॉ. एएन प्रसाद, सीएमओ।
सचिन सिंह।
सचिन सिंह।