डाक विभाग की अनदेखी से सफाईकर्मी पद के लिए सैकड़ों बेरोजगार शुक्रवार को आवेदन पत्र की रजिस्ट्री नहीं कर पाए। इससे उनको निराश लौटना पड़ा। कर्मचारियों ने अंदर से भी टिकट बांटे। इससे बाहर काउंटर पर लाइन में धक्के खा रहे बेरोजगारों को टिकट नहीं मिल सका। दोपहर में टिकट खत्म होने से दोनों काउंटर बंद कर दिए गए।
जिले में सफाईकर्मी पद के लिए आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। एक अगस्त से फार्म की रजिस्ट्री डाकघरों में शुरू हो गई। पहले ही दिन हजारों लोगों ने आवेदन किया था। इसके बाद से लगातार भीड़ उमड़ रही है। टिकट की डिमांड को देखते हुए दो दिन पहले यहां से 13 लाख के टिकट की डिमांड कानपुर भेजी गई थी। इसके बाद भी टिकट नहीं आ सका। शुक्रवार को प्रधान डाकघर में जो टिकट बचा था वह भी दोपहर में खत्म हो गया। लाइन में खड़े लोगों का आरोप था कि कर्मचारियों ने सेटिंग करके अंदर से आधे टिकट ब्लैक में बांट दिए। इससे लाइन में खड़े लोगों को टिकट नहीं मिल पाया।
दोपहर को दोनों काउंटर बंद कर दिए गए। टिकट खत्म होने की सूचना कर्मचारियों ने अधीक्षक एसके पांडेय को दी। उन्होंने इसके लिए कानपुर बात की और दो लोगों कानपुर टिकट लाने के लिए भेज दिया। उन्होंने बताया कि टिकट की डिमांड दो दिन पहले कानपुर भेजी गई थी। मगर वहां पर टिकट खत्म हो गया था। प्रधान डाकघर में जितना टिकट छह माह में बिकता है उतना पांच दिनों में बिक गया। जिससे टिकट की किल्लत हो गई है। अपर अधीक्षक पीसी तिवारी ने बताया कि टिकट शनिवार सुबह तक आने की उम्मीद है। उसके बाद रजिस्ट्री का काम चालू कर दिया जाएगा। वहीं बताया जाता है कि पांच दिन के भीतर करीब आठ लाख का टिकट बिक गया।