महीने का द्वितीय शनिवार होने के कारण बैंकों में बंदी और एटीएम में ताला लटकने के कारण रुपये निकालने के लिए पहुंचने वालों ग्राहकों को परेशान होना पड़ा। एटीएम में ताला लटकने के चलते एक बार फिर नोटबंदी जैसे हालात पैदा हो गए हैं। बैंकों में नकदी की समस्या होने से ग्राहकों को तीन-तीन घंटे लाइन में खड़े होने पर सिर्फ 20-20 हजार रुपये मिल रहे हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक से चेस्ट नहीं आने के कारण जिले में नकदी की समस्या उत्पन्न हो गई है। शहर और ग्रामीण इलाकों के बैंकों में ग्राहकों को रुपये नहीं मिलने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सहालग का मौसम होने के कारण खातेदार बैंकों और एटीएम का चक्कर लगा रहे हैं। शहर और गांव के एटीएम की हालत लगभग एक माह से खराब है। शाखा में उमड़ने वाले ग्राहकों को बैंक रुपये नहीं दे पा रहे हैं, एटीएम की बात तो दूर है। लगभग एक माह से एटीएम से रुपये नहीं मिल रहे हैं। इससे ग्राहकों की परेशानी बढ़ती जा रही है। बैंक कर्मी कैशलेस होने पर जोर दे रहे हैं, मगर रोजमर्रा की सामग्रियों को खरीदने के लिए बगैर रुपये काम चलने वाले नहीं हैं। फिलहाल जब तक जिले में चेस्ट नहीं आता है, तब तक नकदी की समस्या बरकरार रहेगी। बीओबी के चीफ मैनेजर आरआर गुप्ता ने बताया कि आरबीआई से चेस्ट नहीं आने के कारण यह समस्या खड़ी हुई है।