निजी अस्पताल में करंट लगने से हुई मजदूर की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने परिजनों के साथ लखनऊ-प्रयागराज हाईवे जाम करने का प्रयास किया। पुलिस ने हाईवे से ग्रामीणों को हटा दिया। नाराज ग्रामीण सर्विस लेन पर हंगामा करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ अस्पताल सीज करने की मांग पर अड़े रहे।
मानिकपुर थाना क्षेत्र के साहूमई बिछलहला वंशीलाल (45) आईएमएच अस्पताल मवई में काम करते थे। शनिवार को अस्पताल परिसर में साफ-सफाई करते समय करंट लगने से मौत हो गई। बेटे पंकज का आरोप है कि घटना की जानकारी परिजनों को नहीं दी गई। सीएचसी से फर्जी रेफर का कागजात तैयार कर अस्पताल संचालक एसआरएन प्रयागराज पहुंचे।
मौत होने पर शव को इमरजेंसी के सामने पानी में फेंक कर भाग निकले। अस्पताल संचालक के साथी रात में घर पहुंचकर सुलझ समझौते के लिए दबाव बनाते हुए जान से मारने की धमकी दी। रविवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचने पर परिजन व ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। आक्रोशित ग्रामीण शव लेकर अस्पताल में दफनाने पहुंच गए।
जानकारी होने पर कोतवाल अवन दीक्षित मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों को अस्पताल में प्रवेश नहीं दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रयागराज-लखनऊ हाईवे जाम करने का प्रयास किया। पुलिस की सक्रियता से जाम नहीं लग सका तो ग्रामीण सर्विस लेन पर अस्पताल सीज करने के साथ आरोपियों के गिरफ्तारी की मांग करते हुए हंगामा करने लगे।
एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दिलाए जाने की भी मांग की। जिला पंचायत अध्यक्ष के पति कुलदीप पटेल व सीओ अमरनाथ गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बावजूद इसके ग्रामीण शांत नहीं हुए।
परिजनों से घटना के संबंध में तहरीर मांगी जा रही है, लेकिन परिजन तहरीर देने को तैयार नहीं है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की जाएगी।
अमरनाथ गुप्ता, सीओ कुंडा