जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने वाले 1,79,498 किसान राजस्व और कृषि विभाग को ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। इससे इनकी केवाईसी नहीं हो पाई है। राजस्व विभाग की जांच में 11,115 ऐसे किसान मिले हैं, जिनकी मृत्यु होने के बाद भी सम्मान निधि योजना का लाभ दिया जा रहा था।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले के 5,42,131 किसानों के खाते में अभी तक धनराशि भेजी जा रही थी। केंद्र सरकार ने किसानों को नए सिरे से केवाईसी कराने के बाद ही खाते में धनराशि भेजने का निर्णय लिया। राजस्व और कृषि विभाग के कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपकर किसानों की केवाईसी कराने के लिए कहा गया।
जिले भर में किसान सम्मान निधि योजना के लिए पात्र चयन को चलाए गए अभियान में 1,79,498 किसानों को विभागीय कर्मचारी खोजने में नाकाम रहे। दरअसल, इनमें अधिकांश किसान ऐसे हैं, जिनके नाम भूमि ही नहीं है। दूसरी समस्या यह आ रही है कि उनकी जमीन किसी और गांव में है और रहते वह किसी दूसरे गांव में हैं। इससे इन किसानों को खोजना का लाभार्थी बनाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
राजस्व विभाग के जांच अभियान में खुलासा हुआ है कि अभी तक 11,115 किसानों को उनकी मौत के बाद भी योजना का लाभ दिया गया। मौत के बाद भी किसानों के खाते में सम्मान निधि की धनराशि का भुगतान हो रहा था। जिले में अभी तक 3,62,502 किसानों की केवाईसी अपडेट कराई गई है।
सितंबर माह के अंत तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की अगली किस्त आने वाली है, मगर यह धनराशि सिर्फ उन किसानों को ही मिलेगी, जिनका डाटा कृषि और राजस्व विभाग से अपडेट होगा। हालांकि इस दिशा में निरंतर कार्य चल रहा है।
मृत्यु के बाद खाते में आने वाली धनराशि होगी वापस
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पाने वाले मृत किसानों के परिजनों से धनराशि वसूल की जाएगी। हालांकि यह कार्य किसी विभाग को नहीं, बल्कि बैंक अफसरों को करना है। दरअसल, मृतक किसानों के परिजनों ने होशियारी दिखाते हुए पहले से एटीएम कार्ड और कुछ ने ज्वाइंट एकाउंट खोलवा रखा था। इससे जो धनराशि आती थी, उसे सहखातेदार के हस्ताक्षर से निकाल लिया जाता था। मगर राजस्व विभाग की जांच के बाद अब मुसीबत बढ़ गई है।
जिले में जिन किसानों की पहचान नहीं हो पा रही है, उनके गांव का पता बैंकों से लेकर जांच कराई जाएगी। जो लोग अपात्र और भूमिहीन हैं, उन्हें योजना का लाभ किसी भी दशा में नहीं मिलेगा। वास्तविक किसानों को योजना का लाभ दिया जाएगा।
- त्रिभुवन विश्वकर्मा, अपर जिलाधिकारी