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मुआवजे में मिली मामूली रकम, किसान नाखुश

Sun, 19 Apr 2015 11:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
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प्राकृतिक आपदा से बरबाद हुई फसल से जूझ रहे किसानों को सहायता के नाम पर मामूली रकम की चेक मिली है। इससे किसानों में गहरा रोष है। किसानों की मानें तो शासन प्रशासन यह मामूली रकम देकर उनके जले पर नमक छिड़क रहा है। किसानों का यह भी आरोप है कि फसलों के नुकसान का सर्वे करने गांव में कोई आया ही नहीं। मनमानी ढंग से आंकलन कर रिपोर्ट भेज दी गई।
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असमय बारिश, तूफान और ओले पड़ने से खेतों में बरबाद हो गई आलू,  सरसों की फसलों के मुआवजे का वितरण शासन रिपोर्ट के आधार पर कर रहा है। रबी की प्रमुख फसल गेहूं के मुआवजे की रिपोर्ट अभी तैयार की जा रही है। इलाके में आलू व सरसों की बरबाद हुई फसलों में प्रशासन ने अलग तरह का मानक रखा है। किसान की फसल दस बीघे में हो या फिर दस विस्वा में मुआवजा उसे अधिकतम सात सौ रुपये ही दिया जा रहा है। इलाके के इब्राहिमपुर के बरसाती निषाद कहते हैं कि नुकसान के आकलन को कोई पहुंचा ही नहीं।

उन्हें तो कोई मुआवजा नहीं मिला। इसी तरह सहसपुर गांव निवासी छविनारायण तिवारी बताते हैं कि आलू उन्हाेंने एक बीघा बोई थी जिसकी लागत पंद्रह हजार थी। ऐसे में उन्हें सात सौ का चेक देकर भद्दा मजाक किया गया है। इसी तरह दशरथपुर निवासी प्रवीण तिवारी ने बताया कि जिस तरह की लागत उनकी खेती में लगी और फसलें बरबाद हुई उस अनुसार मुआवजे की रकम कहीं ठहरती ही नहीं। प्रशासन किसानों के साथ यह कैसा न्याय कर रहा है।
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