49 घंटे बाद उठा किराना दुकानदार का शव
दिन में दो बार मनाने पहुंचे मंत्री मोती सिंह को लौटाया, रात
आठ बजे स्वामी प्रसाद मौर्या के पहुंचने पर माने
पचास लाख मुआवजा, पत्नी को नौकरी, आवास और दो शस्त्र लाइसेंस की मांग पर अड़े थे परिजन
अमर उजाला ब्यूरो
पट्टी(ब्यूरो)। आसपुर देवसरा के कादीपुर गांव में उधार माचिस न देने पर पीटकर की गई दुकानदार की हत्या के मामले को लेकर बुधवार को दिनभर गहमागहमी रही। दरवाजे पर शव रखकर बैठे परिजन 49 घंटे बाद रात आठ बजे कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के आश्वासन पर माने और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इससे पहले दिन में कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह ने दो बार गांव पहुंचकर घरवालों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह तैयार नहीं हुए। घरवाले पचास लाख मुआवजा, पत्नी को नौकरी, आवास और दो शस्त्र लाइसेंस की मांग पर अड़े थे। शव अंतिम संस्कार के लिए भेजे जाने पर पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने राहत की सांस ली।
रविवार शाम चार बजे उधार माचिस न देने पर गांव के ही माता प्रसाद सिंह उर्फ राजा ने किरान दुकानदार अमरबहादुर मौर्य पर राड से हमला कर दिया था। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार शाम सात बजे शव घर पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। वह दरवाजे पर शव रखकर बैठ गए। घटना की जानकारी होते ही पुलिस और प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घरवालों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन उनकी बात सुनने के लिए तैयार नहीं थे। मंगलवार को दिनभर गांव में नेताओं के आने का सिलसिला लगा रहा।
घरवाले डिप्टी सीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े थे। मंगलवार को काबीना मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह गांव पहुंचे और परिजनों से बात की। घरवाले 50 लाख आर्थिक मदद, मृतका की पत्नी को नौकरी, आवास और दो शस्त्र लाइसेंस की मांग कर रहे थे। इस पर मंत्री ने मृतक के भाई जीतबहादुर मौर्य को बीस लाख की सहायता दिलाने, परिवार को आवास तथा पट्टा देने तथा विधवा को आंगनबाड़ी में सहायिका के पद पर नियुक्ति दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन परिजन इस पर तैयार नहीं हुए। दो घंटे बाद भी बात नहीं बनने पर मंत्री वहां से चले गए। तीन बजे वह दोबारा गांव पहुंचे और करीब तीन घंटे तक परिजनों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। घरवाले अपनी जिद पर अड़े थे। इस पर मंत्री मोती सिंह लौट गए। रात करीब आठ बजे कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य गांव पहुंचे। उन्होंने घर के सभी सदस्यों से अलग-अलग बात की और हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया। इस पर परिजन मान गए। तब जाकर शव अंतिम संस्कार के लिए भेजा जा सका।
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ताबूत पकड़कर लटक गई मृतक की पत्नी
मंत्री मोती सिंह के समझाने पर शाम को एक बार परिजन शव को अंतिम संस्कार को ले जाने को राजी हो गए थे। इस बीच मृतक की पत्नी ताबूत पकड़ कर लटक गई। इससे शव अंतिम संस्कार के लिए नहीं भेजा जा सका।
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मौके पर ही पचास लाख का चेक मांग रहे थे घरवाले
दुकानदार अमर बहादुर का शव दरवाजे पर रख कर परिजन जिस तरह का व्यवहार कर रहे थे वह समझ से परे था। वह लोग बार-बार प्रशासन व दबाव बना रहे थे कि सहायता राशि के तहत पचास लाख का चेक तत्काल मौके पर दिया जाए। उनकी जिद के आगे तीन दिन तक शव पड़ा रहा।
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एंबुलेंस व पुलिस की लापरवाही की शिकायत मंत्री से
कादीपुर गांव में मृतक के परिजनों ने कैबिनेट मंत्री मोती सिंह से घटना के बाद एंबुलेंस न आने तथा डायल 100 के सिपाही उमेश चौरसिया के अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने की शिकायत की। इस पर मंत्री ने सीएमओ व डायल 100 कंट्रोल को फोन कर फटकार लगाते हुए कार्रवाई का निर्देश दिया।
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मंत्री स्वामी प्रसाद ने दिया आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन
रात आठ बजे कादीपुर गांव पहुंचे कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने परिजनों की व्यथा सुनी और मामले में शासन स्तर पर सभी कार्रवाई करने व हत्यारोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। उनकी पहल के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने को तैयार हुए।
आसपुर देवसरा के कादीपुर किलाई गांव में किराना व्यापारी के घर पहुंचे कैबिनेट मंत्री मोती सिंह।- फोटो : PRATAPGARH