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लाज के नाम पर अस्पताल में दिन काट रहे हत्यारोपी

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शहर के दहिलामऊ में दो पक्षों के बीच हुई अंधाधुंध फायरिंग में प्रापर्टी डीलर की मौत हो गई थी। दोनों ओर से सात लोग घायल हुए थे। गंभीर रूप से घायल लोगों को उपचार के लिए प्रयागराज ले जाया गया था। जिसमे से दो हत्यारोपी एक माह से जिला अस्पताल में दिन काट रहे हैं।
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घटना में शामिल आरोपियों पर रासुका लगाने का दावा पुलिस अधीक्षक ने किया था, लेकिन समय बीतने के साथ कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई है। कोतवाली पुलिस भी अस्पताल में दिन काट रहे आरोपियों को जेल भेजने का साहस नहीं जुटा पा रही है।
नगर कोतवाली के दहिलामऊ चांदमारी के करीब 8 मई को प्लाट के कमीशन के रुपये को लेकर हुए विवाद में दो पक्षों के बीच अंधाधुंध फायरिंग हुई थी। गोली लगने से आठ लोग घायल हो गए थे। सभी को उपचार के लिए प्रयागराज ले जाया गया था। जहां गोली लगने से घायल एक पक्ष के राम प्रसाद पांडेय निवासी बराछा की मौत हो गई थी। उनके भाई लक्ष्मण समेत चार लोग घायल हुए थे।
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जबकि दूसरे पक्ष से आनंद तिवारी, सर्वेश उर्फ साहब तिवारी, राहुल तिवारी समेत अन्य लोग घायल हुए थे। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने दावा किया था कि घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी। विवादित जमीन की नवैयत की जांच होगी। घायल आनंद तिवारी, सर्वेश व राहुल तिवारी का पुलिस अभिरक्षा में प्रयागराज के प्राइवेट अस्पताल में उपचार चलता रहा।
12 जून को पुलिस सर्वेश उर्फ साहब तिवारी और राहुल तिवारी को प्रयागराज से ले आई। हालांकि उन्हें न्यायालय में पेश नहीं किया गया। दोनों की हालत गंभीर बताते हुए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डाक्टरों ने दोनों की दशा नाजुक बताते हुए भर्ती कर लिया। गौर करने वाली बात यह है कि गोली लगे हुए मरीजों को तत्काल प्रयागराज, लखनऊ रेफर कर देने वाले डाक्टर उनका अस्पताल में उपचार कर रहे हैं।
इलाज के नाम पर दोनों समय काट रहे हैं। पुलिस भी उनकी सुरक्षा में लगी हुई है अलग से। कोतवाली पुलिस घटना के तीसरे दिन एक आरोपी को जेल भेजकर खामोश हो गई। गोली लगने से सात घायलों को प्रयागराज भेजा गया था। जिसमे से केवल तीन ही पुलिस की निगहबानी में हैं। अन्य अस्पताल से ही फरार हो चुके हैं। एडीजी प्रयागराज प्रेमप्रकाश ने कहा कि अब प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। मुनाफा कमाने के लिए जमीन पर कब्जा करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
गैंगेस्टर की बेनामी संपत्ति खोजने में हांफ रही पुलिस
कानपुर मुठभेड़ में आठ पुलिसकर्मियों की शहादत के बाद शातिर बदमाशों की कुंडली तैयार की जा रही है। सभी गैंगेस्टर की संपत्ति खोजकर कुर्क करने का निर्देश दिया गया है, लेकिन पुलिस उनकी बेनामी संपत्ति खोजने में हांफ रही है। जिसके चलते कार्रवाई में विलंब हो रहा है।
कानपुर के बिकरू में मुठभेड़ के दौरान आठ पुलिसकर्मियों की शहादत के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गैंगेस्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। सभी गैंगेस्टर की संपत्ति कुर्क करने का आदेश सुनाया है। जिले में भी गैंगेस्टर की कुंडली तैयार करने में पुलिस जुटी हुई है। कोतवाली व थानों के साथ ही जिला स्तर पर अपराधियों की सूची तैयार होगी।
जिसमें पुराने व नए बदमाशों का गैंग शामिल होगा। जिले में गैंगस्टरों के नाम से कोई ऐसी संपत्ति नहीं मिल रही है। बेनामी संपत्ति दूसरों के नाम से है। जिसे कुर्क करने में पुलिस को कानूनी अड़चन का सामना करना पड़ेगा। जिले के शातिर गैंगेस्टर की नामी व बेनामी संपत्ति खोजने में पुलिस को मशक्कत करनी पड़ रही है। कोतवाली व थानों के पुराने अभिलेखों में गैंगेस्टर की संपत्ति का ब्यौरा दर्ज नहीं है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि कोतवाली व थानों में अपराधियों की सूची तैयार हो रही है। सूची में उनकी संपत्ति का ब्यौरा होगा। जो उन्होंने अपराध के जरिए बनाई है।
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