दिलीपपुर और नगर कोतवाली सीमा के बीच स्थित खीरीबीर सई नदी घाट मौत का किनारा बन गया है। चार साल के अंदर चार लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। बावजूद इसके घाट के पास सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम नाकाफी हैं।
साल 2022 में खभोर गांव के एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई थी। उसी साल दिलीपपुर थाना क्षेत्र चौखड़ा निवासी सहरे आलम की डूबने से मौत हुई थी। 29 अगस्त 2024 को लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष रहे ऐनुल हसन के बेटे एनामुल हसन की डूबने से मौत हुई थी। अब अमित की मौत से आंकड़ा चार पहुंच गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगातार हो रही घटनाओं के बाद भी घाट के किनारे चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया है। सुरक्षा के भी कोई भी इंतजाम नहीं हैं। बारिश के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी का बहाव तेज रहता है। चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा के इंतजाम न होने के कारण लोग जान जोखिम में डालकर नदी में नहाने पहुंचते हैं।