मां बेल्हादेवी प्रतापगढ़ जंक्शन के रास्ते दिल्ली से वाराणसी को जाने वाली ट्रेनें अपने समय की पटरी से उतर गईं हैं। काशी विश्वनाथ 14 घंटे की देरी से मंगलवार शाम तीन बजे तक आने की उम्मीद रेल कर्मी लगाए हैं। एसएस ने बताया कि 12 ट्रेनें ऐसी हैं जो तीन से अधिक घंटे विलंब से पटरी पर चल रहीं हैं।
एसएस शमीम अहमद ने बताया कि दिल्ली- वाराणसी काशी विश्वनाथ 14 घंटे की देरी से जंक्शन पर आने की उम्मीद है। सोमवार रात 12 बजे जंक्शन पर पहुंचने वाली काशी विश्वनाथ मंगलवार दोपहर तीन बजे आएगी। उन्होंने बताया कि मालदा टाउन एक्सप्रेस दो घंटे, बलिया स्पेशल साढ़े तीन घंटे, पीआरएल एक घंटे, लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी ढाई घंटे, देहरादून-वाराणसी जनता एक्सप्रेस एक घंटे, अर्चना एक्सप्रेस एक घंटे की देरी से जंक्शन पहुंची। उद्योग नगरी एक घंटे दस मिनट की देरी से जंक्शन पर पहुंची। उन्होंने कहा कि वाराणसी से दिल्ली जाने वाली एकात्मता एक्सप्रेस तीन घंटे, वाराणसी- देहरादून जनता ,हाबड़ा अमृतसर पंजाबमेल- सात-सात घंटे की देरी से पटरी पर दौड़ रहीं हैं। वाराणसी से दिल्ली जाने वाली काशी विश्वनाथ चार घंटा की देरी से जंक्शन पर पहुंचेगी।
ट्रेनों की लेटलतीफी यात्रियों के लिए बनी मुसीबत
कोहरा का अभी असर दिखाई नहीं पड़ रहा है। इसके बावजूद दिल्ली से वाराणसी जाने वाली काशी विश्वनाथ हो या फिर जनता और पंजाबमेल की लेटलतीफी यात्रियों को परेशान कर रखी है। समय से ट्रेन पकड़ने के लिए जंक्शन पर पहुंचने वाले यात्रियों को रात में ट्रेनें मिल रहीं हैं। रात में आने वाली ट्रेन दूसरे दिन दोपहर बाद मिल रही हैं।