भाजपा के दिग्गज और नामचीन नेताओं के आगमन से पट्टी विधानसभा काकरमाही गांव इन दिनों राजनैतिक खेमे में चर्चा का विषय बन गया है। भाजपा के कद्दावर नेताओं के आने से इस गांव का कद ऊंचा हो गया है। गांव में बड़ी-बड़ी गाड़ियों से आने वाले नेताओं, राजनैतिक गतिविधियों और बयानबाजी ने गैर भाजपाई दलों का ध्यान इस ओर खींचा है।
बता दें कि असम चुनाव के प्रभारी एमएलसी और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव डॉ.महेंद्र सिंह इसी गांव के रहने वाले हैं। यह बात बहुत लोग ही जानते हैं। असम चुनाव का परिणाम आने के बाद डॉ.महेंद्र सिंह अचानक राजनैतिक सुर्खियों में छा गये। पार्टी में इनका कद पहले से बढ़ गया। उसके बाद भी करमाही चर्चा में नहीं था।
पिता के निधन का दुखद समाचार मिलने के बाद घर करमाही गांव आये डॉ.महेंद्र सिंह को ढांढस बंधाने पहुंच रहे पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं के आगमन से इस गांव का नाम अचानक लोगों की जुबां पर आ गया है। अभी तक गोरखपुर के सांसद और गोरखनाथ मठ के पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ और हिंदूवादी नेता सरधना से भाजपा विधायक संगीत सोम करमाही आ चुके हैं। इसके बाद भी नेताओं और जनप्रतिनिधियों का आगमन जारी रहेगा। मजे की बात यह है कि जब से भाजपा नेताओं का आगमन करमाही में शुरू हुआ है विपक्षी दलों के लोगों की निगाह राजनैतिक गतिविधियों पर टिकी हुई है। कौन आ रहा है क्या बोल रहा है इसको लेकर भी चर्चाएं होने लगी हैं। कुछ भी हो जिस तरह से भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का आगमन और उनके द्वारा कैराना और मथुरा मुद्दे पर बोलना उससे करमाही गांव प्रदेश मेें चर्चा का विषय बनता जा रहा है।