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बारिश पर भारी पड़ा श्रद्धालुआें का उत्साह

Tue, 02 Aug 2016 12:15 AM IST
प्रतापगढ़ अमर उजाला ब्यूरो
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दर्शन
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घुइसरनाथधामबोल बम के जयघोष से समूचा इलाका व मंदिर परिसर गूंजता रहा। बाबाधाम को जाने वाली सड़कों से लेकर चौराहे तक शिव भक्त गेरुआ रंग में रंगे नजर आए।घुइसरनाथधाम में सोमवार को शिव मंदिर में जलाभिषेक को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार को शाम होते-होते समूचा मंदिर परिसर कांवड़ियों के गेरुआ रंग से पट गया था। कंावड़ियों की अपार भीड़ देखकर प्रशासन घबरा गया और देर रात से ही मंदिर को जलाभिषेक के लिए खोल दिया गया। लेकिन कांवड़ियों ने जलाभिषेक आधी रात के बाद शुरू किया। बोल बम के जयकारे के साथ कांवड़िए जलाभिषेक  को निकले तो प्रशासन को उन्हें संभालने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। मंदिर की ओर आने वाली कोई भी सड़क और चौराहा ऐसा नहीं दिखाई दिया जो गेरुआ रंग में न रंगा हो।
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सुबह होते-होते आसपास के क्षेत्रों के अलावा अन्य जनपदों के श्रद्धालु भी जलाभिषेक के लिए टूट पड़े। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर मंदिर की ओर आने वाले दोनों रास्तों पर दो किलोमीटर दूर ही वाहनों को रोक दिया। यहां से कांवड़िए और श्रद्धालु पैदल हीे मंदिर के लिए चल पड़े। सड़कों पर कई किलोमीटर तक भीड़ ही भीड़ दिखाई दे रही थी। लालगंज और सांगीपुर की ओर जाने वाले बाइक व साइकलि सवार  लोगों को बाबा धाम से होकर दो किलोमीटर की दूरी तय करने में घंटे भर से अधिक का समय लगा। सुबह श्रद्धालुओं के सामने भारी बारिश बाधा जरूर बनी, लेकिन उनकी आस्था नहीं डिगी।

बोल बम व भगवान शिव के जयकारे के  साथ उत्साहित श्रद्धालु बारिश की परवाह न कर जलाभिषेक करने मंदिर पहुंचे। पुलिस व प्रशासन भीड़ को संभालने के लिए मुस्तैद दिखी। हालांकि बीच बीच में कतार में खड़े श्रद्धालुओं में आपस में धक्क-मुक्की भी होती रही। फर्श पर फिसलकर कई श्रद्धालु व कांवड़िए चोटिल भी हुए। दोपहर बाद जब श्रद्धालुओं का रेला कुछ कम हुआ। प्रशासन का दावा है कि सोमवार को करीब दो लाख से अधिक लोगों ने बाबा धाम में जलाभिषेक व दर्शन-पूजन किया।
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सईघाट व गंगा सरोवर में लगाई डुबकी ः स्थानीय श्रद्धालुु घर पर ही स्नान कर जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे थे। लेकिन लाखों कांवड़ियों ने जलाभिषके से पहले स्नान के लिए सई नदी व गंगा सरोवर का सहारा लिया। बाबा धाम में बने विशाल गंगा सरोवर में श्रद्धालुआें के लिए गंगा नदी के पानी का इंतजाम कराया गया था।
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