जिला महिला अस्पताल से ट्रक पर लादकर सामान बाहर भेजे जाने के मामले को संज्ञान में लेकर मंगलवार को संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य प्रयागराज मंडल जांच करने के लिए महिला अस्पताल पहुंचे।
करीब छह घंटे तक चली छानबीन में स्टाक रजिस्टर समेत कई अभिलेख कब्जे में लिए। इस दौरान अस्पताल में हडक़ंप मचा रहा। सीएमएस व कर्मचारियों से घंटों पूछताछ होती रही।
जिला महिला अस्पताल से गत दिनों ट्रक पर सामान लादकर जौनपुर भेजा जा रहा था। जिसे शिकायत के बाद पुलिस ने कब्जे में ले लिया। हालांकि बाद में तहरीर न मिलने पर व मामला स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के पास पहुंचने पर पुलिस ने कोतवाली से लिखापढ़ी के बाद सामान महिला अस्पताल भेज दिया।
इस मामले को लेकर सुर्खियों में रहीं सीएमएस रीता दुबे बार-बार बयान बदलती रहीं। कभी फर्नीचर अपनी संस्था को भेजने तो कभी मरम्मत के लिए भेजने की बात कहती रहीं।
मंगलवार को संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य प्रयागराज मंडल डा. एके सिंह टीम के साथ जांच करने महिला अस्पताल आ धमके। 12 बजे से लेकर 6 बजे तक संयुक्त निदेशक छानबीन करने के साथ ही महिला अस्पताल के सामानों का मिलान स्टाक रजिस्टर से करते रहे।
सीएमएस की तैनाती के बाद से अब तक क्रय किए गए सामान व शासन से मरीजों की सहूलियत के लिए भेजी गई सामग्री की जानकारी जुटाई जाती रही। कर्मचारियों के साथ ही सीएमएस से सामानों को लेकर पूछताछ होती रही। टीम ने स्टाक रजिस्टर समेत अन्य अभिलेख कब्जे में ले लिए। इस दौरान परिसर में हडक़ंप मचा रहा।
संयुक्त निदेशक ने बताया कि उनकी जांच चल रही है। कोतवाली से भी सामानों के अभिलेख लिए गए हैं। स्टाक रजिस्टर कब्जे में लिया गया है। रिपोर्ट अपर निदेशक के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी। ताकि दोषी लोगों पर कार्रवाई हो सके।
सब जानते हैं दोषी कौन
जिला महिला अस्पताल का सामान आखिर बाहर कैसे चला गया। सामान किसके इशारे पर ट्रक पर लादा गया और बाहर कैसे पहुंच गया? यह अस्पताल में तैनात हर कर्मचारी जानता है।
दोषी कौन है, यह पहले ही दिन से स्वास्थ्य विभाग के मुखिया को भी मालूम है, लेकिन जांच करने आई टीम के सामने कोई भी मुंह खोलने का साहस नहीं जुटा सका। जबकि छोटे कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश होती रही।
जांच करने पहुंची टीम भी चकराई
जिला महिला अस्पताल का सामान बाहर भेजे जाने को लेकर जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम भी कई बार चकरा गई। सीएमएस सवाल का जवाब देने के बजाए हंसती रहीं।
इस दौरान जेडी ने समाचार पत्रों की कटिंग के साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो क्लिप भी जुटाई। कोई भी टीम को साफ-साफ कुछ भी बताना नहीं चाहता था।