जिला अस्पताल के डॉक्टरों के दरवाजे पर सोमवार को एक युवक दर्द से तड़पता रहा। इलाज न होने से वह ओपीडी के सामने जमीन पर पड़ा रहा। भीतर बैठे डॉक्टर इतने पर भी उसे देखना तक उचित नहीं समझे। पीड़ित की पत्नी उसका इलाज कराने के लिए डाक्टरों के सामने गिड़गिड़ाती रही। फिर भी डॉक्टर का पत्थर का कलेजा नहीं पिघला। इस पर ओपीडी में मौजूद तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद सीएमएस मरीज के पास पहुंचे और फर्श पर ही लेटाकर उसका इलाज शुरू कर दिया।
जेठवारा थाना क्षेत्र के नरैना गांव निवासी अनिल सिंह (35) के कमर व पेट में दर्द हो रहा था। अनिल की पत्नी उसका इलाज कराने के लिए लेकर जिला अस्पताल आई थी। ओपीडी के लिए पर्चा भी बनवा लिया। चिकित्सक के पास पहुंची तो भीड़ लगी थी। महिला ने अनिल को ओपीडी कक्ष के सामने लेटा दिया। इसके बाद वह डॉक्टर के पास पहुंची और हाथ जोड़कर अपने पति को पहले दिखाने के लिए निवेदन करने लगी। मगर डॉक्टरों ने अपने कक्ष से उठकर उसे देखना तक उचित नहीं समझा। इससे अनिल की हालत बिगड़ती जा रही थी। जानकारी होने के बाद भी चिकित्सकों का दिल नहीं पसीजा। मौजूद लोगों ने ओपीडी के सामने हंगामा शुरू कर दिया। बगल कक्ष में बैठे प्रभारी सीएमएस आरडी द्विवेदी को इसकी भनक लगी तो वे भागकर अनिल के पास पहुंचे और जमीन पर ही उसका इलाज शुरू कर दिया। इसके बाद उसे इमरजेंसी में भर्ती करने के लिए उसकी पत्नी से कहने लगे। अकेली महिला पति को भर्ती कराने के लिए परेशान हो गई। एक भी स्वास्थ्य कर्मी उसके मदद के लिए आगे हाथ नहीं बढ़ाया। महिला पति की जान बचाने के लिए किसी तरह स्टेचर पर लादकर उसे लेकर इमरजेंसी पहुंची और भर्ती कराकर इलाज शुरू कराया।