अधिमास में जेठ जैसी तपिश लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। सूरज आग का गोला बना है। प्रचंड गर्मी का कहर जारी है। तपिश और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं। दिन और रात में बदल रहे मौसम की वजह से लोग बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
सोमवार को अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री और न्यूनतम 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वातावरण में नमी का स्तर असंतुलित रहा। उमस इस कदर हावी रही कि लोग दोपहर में घर से बाहर निकलने से बच रहे थे। जो जरूरी काम से बाहर निकले, वे गर्मी से परेशान होकर छांव तलाश करते रहे। हाल यह है कि जैसे-जैसे दिन चढ़ता जाता है, तापमान बढ़ने से उमस भरी गर्मी का कहर बढ़ जाता है। कड़ी धूप से बचने के लिए लोग गमछे या अन्य कपड़ों का इस्तेमाल रहे हैं। कूलर और पंखे की हवा भी लोगों को राहत नहीं दिला पा रही है।
अस्पतालोंं में बढ़ गए वायरल बुखार के मरीज
उमस भरी गर्मी के कारण बीमार होने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई है। लोग वायरल बुखार, उल्टी-दस्त और पेट दर्द का शिकार हो रहे हैं। वहीं शुगर, ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल के डॉ. मनोज खत्री और डॉ.आरपी चौबे ने बताया कि ओपीडी और इमरजेंसी में मरीजोंं की संख्या अचानक बढ़ी है। सामान्य दिनों में करीब एक हजार के करीब मरीज आ रहे थे। इन दिनों ओपीडी में मरीजों की संख्या डेढ़ हजार के पार हो रही है। इसमें करीब 30 से 40 प्रतिशत मरीज वायरल बुखार, उल्टी-दस्त और पेट दर्द के हैं।