प्रतापगढ़ में प्रताड़ना के चलते आईटीआई के छात्र ने फांसी लगाकर जान दे दी। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। सीओ और कोतवाल मौके पर पहुंच गए और घटना के संबंध में परिवार के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी। शव के पास पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला जिसमें छात्र ने अपनी मौत के लिए तीन लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
लालगंज कोतवाली क्षेत्र के बेलहा गांव निवासी जोखूलाल शर्मा उर्फ शंकर का बीस वर्षीय पुत्र धीरेंद्र उर्फ धीरू शहर में आईटीआई की पढ़ाई कर रहा था। इन दिनों वह घर गया था। शनिवार उसने अपने मकान की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के वक्त घर के लोग खेत में काम करने गए थे।
दोपहर में उसकी मां गुड्डी खेत से लौटी तो धीरू को खाना देने छत पर गई। कई बार आवाज देने के बाद भी अंदर से कोई आवाज नहीं आई। रोशनदान से देखा तो उसका शव फंदे से लटक रहा था। चीख पुकार पर गांव के लोग भी पहुंच गए। छात्र के शव के पास से एक सुसाइड नोट मिला जिसमें उसने गांव के ही प्रदीप सिंह पुत्र हीरा सिंह तथा उसके साले व भीष्म सिंह पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया था।
पत्र में उसने लिखा था कि वह कायर नहीं है, लेकिन उत्पीड़न के चलते आत्महत्या कर रहा है... सॉरी पापा। घटना की जानकारी होते ही सीओ जगमोहन और कोतवाल संजय यादव मौक पर पहुंच गए। सुसाइड नोट कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल ने बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। घटना की छानबीन की जा रही है।