कर्जमाफी का इंतजार करने वाले जिले के 3,534 किसानों को अभी भी भटकना पड़ रहा है। साल भर से कर्जमाफी का इंतजार करने वाले इन किसानों को उम्मीद नहीं दिख रही है। बैंक कर्मचारियों की हरकतों के चलते कभी आधार, तो कभी खाता नंबर की गलत फीडिंग की जा रही है। बैंककर्मियों की लापरवाही के चलते अभी तक जिले के 3,534 किसानों के कर्जमाफी का लाभ नहीं मिल सका है। जिले के इन किसानों की मानें तो बैंककर्मी कभी आधारकार्ड की छायाप्रति, खाता नंबर और मृतक किसानों के नाम हटाकर नामिनी नहीं दर्ज होने का पेच फंसा दे रहे हैं। इससे कर्जा माफ नहीं हो रहा है। डीएम ने किसानों को कर्जमाफी का लाभ दिलाने के लिए बैंक अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की, मगर अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। इससे जिले के किसानों में जहां निराशा है, वहीं बैंक अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। फिलहाल जब तक किसानों का आधारकार्ड, खाता नंबर और नामिनी ठीक नहीं हो जाता है, तब तक कर्जमाफी का लाभ मिलने वाला नहीं है।
जिले में 455 किसान ऐसे हैं, जो कर्ज लेने के बाद स्वर्ग सिधार गए हैं। ऐसेे में उनकी संपत्ति के वारिस का नाम दर्ज होने के बाद ही कर्जमाफी का लाभ मिलता है। राजस्व विभाग है कि उसने अभी तक नामिनी अंकित ही नहीं किया है, इससे किसानों को कर्जमाफी का लाभ नहीं मिल रहा है।
कर्जमाफी के जो भी प्रकरण लंबित हैं, उसे अविलंब दुरुस्त करने के लिए डीएम ने सभी बैंक अफसरों को कड़ा पत्र जारी किया है। उम्मीद है, कि जल्द कर्जमाफी का लाभ मिलेगा।
डॉ. अश्विनी सिंह, जिला कृषि अधिकारी।