ईडी ने नारंग की दो करोड़ उनतीस लाख चवालीस हजार से ज्यादा की संपत्ति एवं बैंक धनराशि को जब्त किया है।
11वीं राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण में फर्जीवाडे़ की शिकायत पर मंगलवार को जांच टीम ने प्रतापगढ़ में दस्तक दी। टीम ने विहार ब्लाक के कई गांवों में जाकर विद्युतीकरण की जांच की। राजीव गांधी विद्युतीकरण का काम अभी भी जिले में चल रहा है। इस काम को प्राइवेट कंपनियां कर रही हैं। योजना के तहत विद्युतीकरण से वंचित मजरों में बिजली पहुंचाई जा रही है। इसका लाभ गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों को दिया जाना है। पता चला है कि इस योजना का लाभ अपात्रों को भी दे दिया गया है। जिले में कई मजरे और गांव ऐसे हैं जहां पर बीपीएल के नाम पर कनेक्शन लेकर दूसरे लोग बिजली का उपभोग कर रहे हैं।
विद्युतीकरण के दौरान मानक और गुणवत्ता का ध्यान रखा गया है कि नहीं, जिले में इन सब मामलों की जांच करने के लिए प्रबंधक निदेशक पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम वाराणसी ने एक टीम गठित कर प्रतापगढ़ भेजी है। जेई एलबी शर्मा और एसपी मिश्रा की अगुवाई में मंगलवार को जांच टीम ने विहार इलाके में जाकर विद्युतीकरण की पड़ताल की। पता चला है कि टीम को कई जगह शिकायत मिली है। हालांकि जांच अभियान को बड़े ही गोपनीय तरीके से चलाया गया। टीम को एमडी का निर्देश है कि वे अचानक किसी गांव में पहुंचे और वहां की हकीकत जानने की कोशिश करे। चर्चा है कि 11वीं विद्युतीकरण की सूची में जो गांव संतृप्त हो चुके हैं, उनको फिर से 12वीं योजना में सम्मिलित कर लिया गया है। कुछ दिनों पहले प्रतापगढ़ आए केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री पीयूष गोयल के सामने यह मामला उठा था। मंत्री ने इस तरह की गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया था। दीनदयाल उपाध्याय ग्राम योजना में इस तरह की गड़बड़ी न होने पाए, इसकी भी जांच टीम कर रही है।