वृद्ध का कहना है कि वह चिल्लाता रहा कि उसने कुछ दिन पहले आंख में लेंस लगवाया है। दर्द हो रहा है, लेकिन दरोगा का दिल नहीं पसीजा और वह पीटते रहे। इसके बाद थाने में मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों और फरियादियों के आग्रह पर दरोगा ने उसे किसी तरह से अपने चंगुल से छोड़ा। इसके बाद उसका शांतिभंग में चालान कर दिया। वृद्ध ने जमानत कराने के बाद पुलिस अधीक्षक से मिलकर अपनी व्यथा सुनाई। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच सीओ को सौंपी है।