विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों को समझाने की हर कोशिश नाकाम हो गई। जिसके बाद नाराज ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार भोर में दूल्हा राम सिंह को पेड़ से बांधते हुए बरातियों को बंधक बना लिया। जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। जहां उनके बीच समझौते का प्रयास होने लगा।
समाज के लोगों के बीच पंचायत रात 11 बजे तक चली। इस बीच तय हुआ कि वधू पक्ष ने विवाह के लिए सात लाख रुपये खर्च किए हैं। जिसका वर पक्ष भुगतान कर दे। रात में सात लाख रुपये का भुगतान होने के बाद ही दूल्हे व उसके परिवार के लोगों को छुटकारा मिला। बताते हैं कि बेटी की शादी के लिए लड़की के पिता ने रुपये उधार लिए थे।
पुलिस व समाज के लोगों से दर्द बयां करने के दौरान लड़की के पिता की आंखों से आंसू बहते रहे। मानधाता थाने के एसएसआई भृगुनाथ मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच शादी के लिए सहमति नहीं बनी। समझौता होने पर उन्हें जाने दिया गया।
चेक लेने से कर दिया इन्कार
दूल्हे राम सिंह के पक्ष वाले नगद रुपये संग चेक देने की पेशकश करते रहे, लेकिन लड़की पक्ष के लोग इन्कार करते रहे। पुलिस भी चेक के लेनदेन के पक्ष में नहीं थी। लड़की के पिता की हालत देख हर कोई उसके पक्ष में खड़ा नजर आया। अंतत: वर पक्ष के लोगों ने रुपयों का इंतजाम कर खुद को किसी तरह छुड़ाया। इस दौरान लोग लड़की पक्ष के साथ खड़े रहे।