शुक्रवार को डीएम डॉ. आदर्श सिंह के निरीक्षण से जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया। मौके पर अव्यवस्था का आलम देख जिलाधिकारी ने सीएमएस को जमकर फटकारा। इस दौरान उन्होंने मरीजों की समस्याएं भी सुनीं। निरीक्षण के दौरान डीएम ने सबसे पहले स्टोर रूम चेक किया। इस दौरान वहां पर कम्प्यूटर उपकरण व अन्य सामानों पर धूल जमी देख नाराजगी जताई। उसके बाद वह कुपोषण विभाग पहुंचे। जहां रानीगंज के धनुहा गांव निवासी शबनम ने साफ-सफाई न होने का आरोप लगाया।
साथ ही परिजनों को मिलने वाली 50 रुपये सहायता राशि न दिए जाने की शिकायत की। आपरेशन थियेटर के समीप लगे शीतल पेयजल की मशीन नदारद रही। साथ ही वहां गंदगी भी जमी थी। निरीक्षण करते हुए डीएम सर्जिकल वार्ड पहुंचे तो वहां के कर्मचारियों की लापरवाही पर जमकर फटकार लगाई। भर्ती मरीजों का रजिस्टर पर सही ढंग से न विवरण दर्ज किया गया था और न ही मरीजों के पास उनसे संबंधित फाइल थी। साथ ही अधिकांश मरीजों के पास से मिले पर्चे पर बाहरी जांच लिखी गई थी। सर्जिकल वार्ड में कोमल तिवारी की मां भर्ती है।
उसका आरोप था कि चिकित्सक सारी दवा बाहर की लिखते हैं। यही आरोप मेडिकल वार्ड में भर्ती रानीगंज के घाटमपुर निवासी श्यामलाल ने लगाया। पेइंग वार्ड के बाहर ही भयंकर बदबू आने की वजह डीएम अंदर नहीं जा सके। साथ ही पार्क में पानी जमा होने व गंदगी फैली होने की वजह से मच्छरों से लोगों को परेशान देखा गया।
इमरजेंसी वार्ड में रखी आक्सीजन मशीन न चलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। साथ ही वाहन स्टैंड की व्यवस्था न होने से वाहनों की लंबी कतार अस्पताल परिसर में लगी रही। जिला अस्पताल की अव्यवस्था को देख डीएम ने सीएमएस डॉ. आरडी द्विवेदी को जमकर फटकारा। उन्होंने मरीजों को सुविधा दिए जाने व व्यवस्था को सही रखने का निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की पैथालॉजी जांच चालू रखने का आदेश दिया। जिससे गंभीर मरीजों को परेशानी न हो।