सीएचसी कुण्डा का निरीक्षण करते राज्यमंत्री महेन्द्र सिंह।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कुंडा का औचक निरीक्षण करने पहुंचे राज्यमंत्री स्वास्थ्य डा. महेंद्र सिंह को हर तरफ गंदगी और कूड़े का ढेर नजर आया। वह जिस तरफ जाते उसी तरफ उन्हें गंदगी मिलती। बाद में वह अस्पताल में सफाई व अन्य अव्यवस्था को सुधारने का निर्देश देकर चले गए। हालांकि इस दौरान वह मीडिया के लोगों से पूछे गए सफाई के बजट के बारे में कुछ नहीं बता पाए।
करीब तीन बजे कुंडा सीएचसी में स्वास्थ्य राज्यमंत्री पहुंचे। उन्होंने अपने आने की सूचना सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव त्रिपाठी को दी और अस्पताल देखने की इच्छा जताई। इसके बाद वह वार्ड, डाक्टरों की लिस्ट, दूसरी मंजिल पर बने कार्यालयों को देखते रहे। फाइलों पर धूल, अव्यवस्थित मेज सहित अन्य सामान देखकर नाराज होते रहे। इसके अलावा वासवेसिन को तो देखते ही वह नाक दबाने लगते। यही नहीं उन्होंने अधीक्षक के कमरे में लगी वेट मशीन को भी चेक किया। इसके बाद अधीक्षक का बाथरूम यूज करने के दौरान वहां भी जाला लगने की बात कही। इसके बाद कई जगह चेक करते हुए निकले तो अधीक्षक से अस्पताल की सफाई के बारे में खर्च होने वाले धन के बारे में बात की तो अधीक्षक ने बताया कि इसमें करीब 10 हजार का खर्चा आएगा। इस पर मंत्री ने दो हजार रुपये में ही काम हो जाने की बात कही। इस दौरान स्टाफ न होने के साथ ही अस्पताल आवास में बाहरी चिकित्सकों के कब्जे की शिकायत भी की गई। बाद में गाड़ी के पास मीडिया के लोगों ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान जब उनसे अस्पताल के सफाई बजट के बारे में पूछा गया तो वह इसे बता नहीं सके।