अब जिले के मदरसों की संपूर्ण जानकारी पोर्टल पर आनलाइन दर्ज होगी। मदरसा प्रबंधकों को आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। भवन व मान्यता संबंध ब्योरा दर्ज कराना होगा। पोर्टल पर सूचनाओं का आदान प्रदान न करने पर मदरसे को सरकारी योजनाओं के लाभ नहीं मिलेगा। सरकार के इस आदेश के बाद मदरसा संचालकों में अफरा-तफरी मची है। वहीं जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग तैयारियों मेें जुट गया है।
उत्तर प्रदेश मदरसा संचालन बोर्ड ने राष्ट्रीय सूचना केंद्र के सहयोग से एक पोर्टल तैयार किया है। इस पोर्टल के सहारे मदसरा बोर्ड मदरसों की हर गतिविधि पर आनलाइन मानीटरिंग करेगा। सरकार के निर्देश पर मदरसा शिक्षा परिषद रजिस्ट्रार ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को पत्र भेजकर मदरसों का संपूर्ण ब्योरा नवीन पोर्टल पर अपलोड कराने का निर्देश दिया था। जिसकी समय सीमा 30 सितंबर तक निर्धारित की गई है। इसमे मदरसा प्रबंधकों को पंजीकरण कराने के साथ ही भवन से जुड़ी सारी जानकारियां अपलोड करनी है। इसके अलावा शिक्षकों की शैक्षित योग्यता, नियुक्ति का ब्योरा, आधार नंबर अपलोड किया जाएगा। जिसे जिला अल्पसंख्य कल्याण अधिकारी अपनी आईडी से लाक करेंगे। आईडी लाक होने के बाद मदरसा प्रबंधक जानकारियों में रद्दोबदल नहीं कर सकेंगे। रजिस्ट्रार ने साफ निर्देश दिया है कि जो भी मदरसा संचालक पोर्टल पर जानकारी अपलोड नहीं कराता। उसे सरकार की ओर से मिलनी सुविधा का लाभ न दिया जाए। बोर्ड की सख्ती से मदरसा संचालकों में हड़कंप है।
शासन के आदेश के बाद जिले के 160 मदरसों का ब्योरा आन लाइन करने की कवायद लगभग पूरी हो चुकी है। मदरसों में तैनात शिक्षक, भवन समेत अन्य जानकारियां नेट पर अपलोड रहेंगी। जिससे कोई रद्दोबदल नहीं हो सकेगा। मदरसों के बारे हर कोई जानकारी ले सकेगा। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सिंह प्रताप देव ने बताया कि सभी संचालकों को पोर्टल पर सूचनाओं को अपलोड कराने के लिए निर्देशित किया जा चुका है। इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
पोर्टल पर मदरसा सोसाइटी के सदस्यों की फोटो, डिटेल, मान्यता संबंधी कागज, भवन का विवरण अपलोड करना होगा। इसके अलावा शिक्षकों की संख्या, कब भर्ती हुई। शैक्षिक अर्हता के अलावा सभी के आधार नंबर भी पोर्टल पर मदरसा संचालक को अपलोड करना होगा। जानकारी आनलाइन अपलोड होने से अधिकारी आसानी से कार्यालय में बैठकर मदरसों की आसानी से मानीटरिंग कर सकेंगे।