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घायल इनामी बदमाश के पैर से निकाली गई गोली, फरार साथी की तलाश में दबिश

Fri, 31 May 2019 01:31 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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गोली लगने से घायल युवक। - फोटो : amar ujala
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 बुधवार की रात पुलिस मुठभेड़ में हत्थे चढ़े 25 हजार के इनामी बदमाश आशीष सिंह के पैर से आपरेशन के बाद गोली निकाली गई। फरार साथी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। मौके से नाइन एमएम की पिस्टल और बाइक बरामद हुई। पुलिस की पूछताछ में इनामी बदमाश ने कई सनसनीखेज घटनाओं का खुलासा क-िया है। उसके ऊपर लूट, हत्या व छिनैती का मुकदमा अमेठी, सुलतानपुर में भी दर्ज है।

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अंतू पुलिस व स्वॉट टीम बुधवार की रात बदमाशों की धरपकड़ के लिए लगी हुई थी। तेजगढ़ सई नदी पुल के करीब बाइक सवार दो बदमाशों को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह पुलिस पर फायर करते हुए भागने लगे। पुलिस ने भी चार राउंड जवाबी फायरिंग की थी।

पुलिस की फायरिंग के दौरान 25 हजार के इनामी बदमाश आशीष सिंह पुत्र जगदीश सिंह निवासी चौरा के पैर में गोली लग गई। जबकि उसका साथी गुलाब सिंह पुत्र सतपाल सिंह निवासी रामपुर भदौसी रामपुर प्राण थाना अंतू भागने में कामयाब रहा। मौके से नाइन एमएम की पिस्टल, खोखा, एक पल्सर बाइक बरामद हुई। गोली लगने से घायल बदमाश आशीष को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जहां पुलिस अधीक्षक एस आनंद व सीओ सदर बबिता सिंह भी पहुंचीं। मातहतों से घटना की जानकारी ली। डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद आशीष को प्रयागराज रेफर कर दिया। इस मामले में एसओ अंतू की तहरीर पर पुलिस ने आशीष व उसके साथी गुलाब सिंह के ऊपर जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कर लिया।
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पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए आशीष ने सनसनीखेज घटनाओं का खुलासा किया। एसपी एस आनंद ने बताया कि पारा हमीदपुर के रहने वाले रामकरन की हत्या आशीष व गुलाब ने पिछले साल नवंबर में रामबरन व ज्वाला प्रसाद भाट के कहने पर की थी। रामकरन का बेटा लखनऊ में सिपाही के पद पर तैनात है। घटना के बाद से दोनों फरार चल रहे थे। इसी मामले में आशीष के ऊपर 25 हजार का इनाम रखा गया था। गुलाब पर इनाम की प्रक्रिया चल रही है। 10 मई 2019 की रात ढाबा संचालक चंदन सिंह की शुकुलपुर में हत्या ठेकेदार अंजनी सिंह व धर्मेंद्र सिंह डब्लू के धोखे में आशीष व गुलाब ने कर दी। जिला पंचायत समेत अन्य विभागों का ठेका लेने वाले अंजनी सिंह ने एआरटीओ कार्यालय भवन का निर्माण कराया था। एआरटीओ कार्यालय खुलने पर दबंगई के बल पर रुपये की वसूली आशीष व गुलाब करना चाहते थे, लेकिन उनकी राह में  अंजनी व  धर्मेंद्र रोड़ा बनते। दोनों की हत्या की एक साल से प्लानिंग थी, लेकिन बीच में आशीष नगर कोतवाली में मोबाइल लूट के मामले में जेल चला गया। जेल से छूटने के बाद वह मौके की तलाश में रहते थे। दोनों ने मिलकर अमेठी, सुलतानपुर में भी लूट व जानलेवा हमले की कई घटनाओं को अंजाम दिया है। दोनों के ऊपर करीब 6-6 मुकदमे दर्ज हैं।


अंधेरा होने के कारण चंदन को पहचानने में हो गई थी  चूक
अंतू थाना क्षेत्र के शुकुलपुर में नवनिर्मित एआरटीओ कार्यालय में ठेकेदार अंजनी सिंह के मजदूर रहते थे। जिसके चलते हर दिन अंजनी व धर्मेंद्र वहां मजदूरों से मिलकर कार्य की जानकारी लेते थे। यह बात आशीष और गुलाब को मालूम थी। घटना वाली रात  आशीष व गुलाब पहले से ही छिपे थे। अंधेरा होने के कारण कार से सामान निकालने पहुंचे चंदन सिंह को दोनों पहचान न सके और ठेेकेदार अंजनी सिंह व धर्मेंद्र सिंह डब्लू के फेर में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।

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