31 ग्राहकों के साथ किया था छल, भेद खुलने पर लौटाए 73.54 लाख रुपये
कुंडा। बैंक ऑफ बड़ौदा की कुंडा शाखा में कार्यरत दो कर्मचारियों ने 31 ग्राहकों के खातों से गुपचुप 75.12 लाख रुपये अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के खातों में भेज दिए। 15 दिन पहले एक महिला की शिकायत के बाद जांच शुरू होते ही 73.54 लाख रुपये ग्राहकों के खाते में लौटा भी दिए। बैंक प्रबंधक ने दोनों कर्मचारियों को निलंबित करते हुए एफआईआर भी दर्ज कराई है।
बैंक प्रबंधक वीरेंद्र मोहन के मुताबिक, शाखा में नरेंद्र कुमार ऑफिसर ऑपरेटर डिपार्टमेंट और अंकित अजेय सिंगल विंडो ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं। इन्होंने पिछले वर्ष बैंक के 31 ग्राहकों के खाताें से बिना उनकी अनुमति के 75,12,300 रुपये अपने मित्रों और रिश्तेदारों के खातों में भेज दिए। 24 जनवरी 2024 को खाताधारक रेशमा देवी ने इसकी शिकायत की तो खेल का भांडा फूटा।
रेशमा देवी ने शिकायती पत्र में कहा था कि बगैर उनकी अनुमति के बैंक ने खाते से तीन लाख रुपये निकाल लिए। शिकायत के बाद विभागीय जांच शुरू हुई तो दोनों कर्मचारियों की असलियत सामने आ गई। पता लगा कि दोनों कर्मचारियों ने एक साल के भीतर 31 खाताधारकों के खाते से 75.12 लाख रुपये बिहार के पैगंबरपुर मौरी के मित्र व रिश्तेदारों के खाते में भेजकर खर्च भी कर डाले।
जांच बैठने के बाद कार्रवाई के डर से दोनों कर्मचारियों ने 73.54 लाख रुपये खाताधारकों के खाते में लौटा भी दिए। अभी 1.58 लाख रुपये जमा होने बाकी हैं। विभागीय जांच में दोषी मिलने पर दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। बैंक प्रबंधक ने बैंक कर्मी नरेंद्र कुमार और अंकित अजेय के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा दिया है। कुंडा कोतवाल कमलेश पाल ने बताया कि मुकदमे के आधार पर छानबीन की जा रही है।