In husband and wife job, one got freedom from election
मतदान का प्रशिक्षण लेने वाले 1023 कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। अगर पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हैं और उन्होंने ड्यूटी काटने के लिए पत्र दिया था। उसमें एक कर्मचारी की ड्यूटी काट दी गई है। ऐसे में जिन कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी में नहीं लगाया गया था, उनके घर ड्यूटी की सूचना उनके घर पहुंच रही है।
जिले में 27 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए सरकारी सेवा में रहने वाले पति-पत्नी दोनों की ड्यूटी लगा दी गई थी। महिला कर्मचारियों के प्रार्थना पत्र देने के बाद भी किसी की भी ड्यूटी नहीं काटी गई थी। चुनाव आयोग के निर्देश के बाद अब दोनों कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी नहीं करनी होगी। जिला प्रशासन ने चुनाव आयोग के आदेश का अनुपालन कराने के लिए 1023 कर्मचारियों को चुनाव कार्य से मुक्त कर दिया गया है। इसमें से अधिकांश महिला कर्मचारी शामिल हैं।
बड़ी संख्या में कर्मचारियों की ड्यूटी कटने से जिले में मतदान कार्मिकों की आवश्यकता बढ़ गई। ऐसे में जो कर्मचारी एनआईसी की कर्मचारियों की लापरवाही से छूट गए थे, अब उनके घर ड्यूटी की सूचना पहुंच रही है। बुधवार को इन कर्मचारियों को संत अंथोनी में प्रशिक्षण दिया जाएगा। सीडीओ ईशा प्रिया ने बताया कि चुनाव कराने के लिए कर्मचारियों की कमी नहीं है, मगर कुछ कर्मचारी रिजर्व में रखे जा रहे हैं, जो आवश्यकता पड़ने पर भेजे जाएंगे।