इलाहाबाद के डॉक्टर रोहित गुप्ता पर हमले के विरोध में मंगलवार को प्राइवेट अस्पतालों के ताले नहीं खुले। इससे जनपद में स्वास्थ्य चरमरा उठी। मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। विरोध में सड़क पर उतरे डॉक्टरों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
आईएमए, आईडीए व पीएमएस संघ के तत्वावधान में मंगलवार को पदाधिकारी व स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोग सड़क पर उतरे। जुलूस निकालकर डॉक्टरों ने जमकर नारेबाजी की। जिला व महिला अस्पताल के डॉक्टर भी उनके विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और नारेबाजी करने लगे। छोटे व बड़े सभी प्राइवेट अस्पताल व नर्सिंग होम बंद रहे। पुराना माल गोदाम रोड, सदर बाजार, राजा प्रताप बहादुर पार्क समेत अन्य स्थानों पर स्थित अस्पताल बंद रहे। अनजाने में इलाज कराने पहुंचे मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा।
इससे गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को इमरजेंसी सेवा का सहारा लेना पड़ा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आर प्रसाद ने कहाकि चिकित्सक कभी नहीं चाहते कि उनके मरीज की मौत हो। पीएमएस संघ के सचिव पीएस मिश्रा की अगुवाई में जिला व महिला अस्पताल के डॉक्टरों ने काला फीता बांधकर विरोध जताया। विरोध जताने वालों में डॉ. एके कुलश्रेष्ठ, डॉ. सुधाकर सिंह, डॉ. मनोज खत्री, डॉ. घनश्याम अग्रवाल, डॉ. प्रकाश शर्मा, डॉ. रवि श्रीवास्तव, डॉ. राजेश श्रीवास्तव, डॉ. एसएस गुप्ता, डॉ. अतुल श्रीवास्तव, डॉ. अजीत सिंह, डॉ. वीके गुप्ता, डॉ. राजेंद्र सिंह, डॉ. मनीष सिंह, डॉ. मनीषा सिंह आदि शामिल रहे।