गेहूं की आधारीय और प्रमाणित उन्न्तशील प्रजातियां किसानों को मालामाल करेंगी। कृषि विभाग की ओर से 17 कृषि बीज भंडार पर करीब 6200 क्विंटल गेहूं के बीज की आपूर्ति की गई है। किसानों को गेहूं की अधिक से अधिक बुआई कराने के लिए सामान्य वितरण पर 50 प्रतिशत अनुदान बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। बीज खरीदने के लिए सरकारी गोदाम पर किसानों की भीड़ लग रही है। किसानों ने धान की कटाई होने के बाद गेहूं बोआई के लिए खेत तैयार कर लिया है। कृषि विभाग का दावा है कि तकरीबन 99,218 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की बोआई होगी।
जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि 15 नवंबर तक अगैती गेहूं की प्रजाति की बुआई का उपयुक्त समय चल रहा है। 15 नवंबर से 10 दिसंबर तक मध्यम और इसके बाद पछेती गेहूं की बुआई होगी। कृषि विभाग की ओर से आधारीय गेहूं के बीज की कीमत 4595 रुपये प्रति क्विंटल और प्रमाणित बीज की कीमत 4395 रुपये प्रति क्विंटल है।
इन प्रजातियों का बीज उपलब्ध
सरकारी बीज भंडारों में अगेती प्रजाति के बीजों में डीबीडब्ल्यू 303, 327, 187 व पीबी डब्ल्यू 505 है। मध्य प्रजातियों में पीबीडब्ल्यू वन-जेड और पछेती प्रजातियों में डीबीडब्ल्यू 3298 उपलब्ध है।
ऐसे करें बुआई
कृषि विज्ञान केंद्र कालाकांकर ऐंठ के वैज्ञानिक नवीन सिंह ने बताया कि बुआई से पहले किसानों को 50 से 60 क्विंटल गोबर की खाद को डालकर गहरी जुताई कर खेत को तैयार करना चाहिए। बीज बोते समय ट्राइकोडर्मा व कल्चर का प्रयोग जरूर करें। ऐसा करने से बीज का सही समय पर शत प्रतिशत अंकुरण होता है। दाना स्वस्थ होता है। बीमारी नहीं लगती। उत्पादन भी बढि़या होता है। मशीन से बुआई करने पर प्रति बीघा दस से 12 किग्रा गेहूं और इतना ही एनपीके खाद का प्रयोग करना चाहिए।