जिला प्रशासन की चूक से रानीगंज क्षेत्र में अनुप्रिया समर्थकों व सपाइयों के बीच मारपीट की घटना हुई। यदि बाइक रैली व आभार यात्रा को लेकर पहले से ही पुलिस अलर्ट होती तो घटना टाली जा सकती थी। थाने के सामने दो दलों के समर्थकों में विवाद व मारपीट होती रही और पुलिस केवल तमाशबीन रही।
रानीगंज विधानसभा में रविवार को चुनावी सरगर्मी दिखी। सियासी दिग्गज अपनी ताकत जनता व विरोधियों को दिखाने के लिए सड़क पर उतरे थे। इस बात की जानकारी आला अधिकारियों के साथ ही स्थानीय पुलिस को भी थी। खास बात यह है कि जब प्रशासन को पता था कि पूर्व मंत्री व विधायक रानीगंज शिवाकांत ओझा की बाइक रैली कार्यकर्ता सम्मेलन, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि विनोद दूबे की बाइक रैली और केंद्रीय राज्यमंत्री की आभार यात्रा में भीड़ उमड़ेगी। सभी को रानीगंज बाजार से ही होकर गुजरना था। यदि प्रशासन ने रैली व आभार यात्रा के दोरान थोड़ी भी सक्रियता दिखाई होती और रास्ता खाली कराया होता तो घटना न हो पाती। सपा समर्थकों के काफिले से हाइवे परजाम लगा था।
माइक निकाल रहे युवक को अद कार्यकर्ताओं ने दौड़ाया
रानीगंज(ब्यूरो)। सपा के जुलूस में शामिल एक चार पहिया वाहन पर माइक लगा था। वह भी धरने में फंसा रहा। विलंब होता देख माइक स्वामी पहुंच गया और माइक खोलने लगा। यह देख अद कार्यकर्ताओं ने उसे दौड़ा लिया। वह पिटते-पिटते बचा। हालांकि पुलिसकर्मियों ने दौड़े अद कार्यकर्ताओं को रोक लिया।
पांच किमी तक जाम, फंसे रहे राहगीरः रानीगंज(ब्यूरो)। स्थानीय थाने के करीब सपा व अद समर्थकों के बीच टकराव के बाद जाम लग गया। अद विधायक समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। जिसके चलते जाम में राहगीर व दर्जनों वाहन फंस गए। इससे परेशान अफसरों ने गाजी की बाग से रूट डाइवर्ट करा दिया। इसके बावजूद बीच में फंसे वाहन साढ़े पांच घंटे तक जाम में फंसे रहे। जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने पैदल ही बस व दूसरे सवारी वाले वाहन छोड़ दिए।
हमलावर सपाई नहीं, हो कार्रवाई ः विधायक शिवाकांत
प्रतापगढ़(ब्यूरो)। उधर रानीगंज में हुए इस पूरे प्रकरण पर सपा विधायक शिवाकांत ओझा का कहना है कि अद विधायक व समर्थकों से मारपीट करने वाले सपा कार्यकर्ता नहीं हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।