अपर जिला जज/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम विष्णुदेव सिंह की अदालत ने शनिवार को दहेज हत्या के दोषी पति को 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 18 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
फतेहपुर जनपद के खागा कोतवाली के सवतमऊ निवासी गोकुल ने अपनी बहन शीलू देवी की शादी वर्ष 2017 में करारी कोतवाली के अर्का महावीरपुर गांव के सुनील कुमार के साथ की थी। आरोप के मुताबिक शादी के बाद से ही शीलू को उसके पति व ससुराल वाले कम दहेज लाने का ताना दे रहे थे। 23 अप्रैल 2019 को शीलू की गला दबाकर हत्या कर दी। गोकुल ने सुनीता के पति सुनील कुमार, सास बुद्धी देवी, ननद गुंजन व रंजन के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
विवेचनात्मक कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सुनील, बुद्धी देवी व गुंजन के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। वहीं रंजन की घटना में संलिप्तता नहीं मिलने पर उसे क्लीन चिट दे दी। मुकदमे का ट्रायल अपर जिला जज/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम विष्णुदेव सिंह की कोर्ट में किया गया। एडीजीसी अनिरुद्ध कुमार मिश्र ने वादी समेत कुल छह गवाहों को न्यायालय में पेश कर गवाही कराई। दोनों पक्षों की बहस को सुनने व पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का मूल्यांकन करने के बाद शनिवार को कोर्ट ने पति सुनील को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। वहीं, सास बुद्धी देवी व ननद गुंजन को कोर्ट ने संदेह का लाभ देकर दोष मुक्त कर दिया।