देहात कोतवाली क्षेत्र के सराय बहेलिया में रविवार देर रात बारिश में रामबाबू के मकान की दीवार भरभराकर गिर गई। मलबे में परिवार के चार लोग दब गए। गंभीर रूप से जख्मी बालिका को मेडिकल कॉलेज के प्रयागराज रेफर कर दिया गया। सूचना पर डीएम जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे।
सराय बहेलिया निवासी रामबाबू मजदूरी करते हैं। उनका कच्चा मकान काफी दिनों से जर्जर है। रविवार की रात वह पत्नी कुसुम, सात वर्षीय बेटी देवांशी और पांच वर्षीय बेटे दिव्यांशु के साथ घर में सो रहे थे। रात करीब तीन बजे उनके घर के पीछे पड़ोसी रामभूलन की कच्ची मिट्टी की दीवार ढह गई।
चपेट में आए रामबाबू के पक्के मकान की पिछली बाउंड्री भी गिर गई। परिवार के चारों सदस्य मलबे में दब गए। शोर होने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और सभी को निकालकर अस्पताल भेजा।
देवांशी की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने प्रयागराज रेफर कर दिया। घटना की जानकारी पर सोमवार की दोपहर करीब तीन बजे डीएम अभिषेक पांडेय, एसडीएम सदर अनुष्का शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे। एक लाख रुपये की सरकारी आर्थिक सहायता पीड़ित परिवार को उपलब्ध कराने का डीएम ने आश्वासन दिया।
लेखपाल को किया निलंबित
घटना की सूचना न देने पर नाराज डीएम अभिषेक पांडेय ने क्षेत्रीय लेखपाल अक्षय यादव को निलंबित कर दिया। लेखपाल के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश एसडीएम सदर को दिया।
महुली हादसे के बाद भी नहीं चेत रहे अफसर
हाल ही में महुली में मकान की छत ढहने से एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने जर्जर मकानों को चिह्नित कर लोगों को पंचायत भवनों, सरकारी अस्पतालों, स्कूलों में आश्रय लेने के लिए निर्देश दिए थे लेकिन निर्देश हवा-हवाई साबित हुए।
शहर में एक-दो दिन तक लोगों को चिह्नित कर अचलपुर के आश्रय स्थल में रखा गया। जर्जर मकानों को क्रॉस लगाकर छोड़ दिया गया। जिलेभर में बीते तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। मकान गिर रहे हैं लेकिन जिम्मेदार मुआवजा देने पर सीमित हैं। अफसर पीछे हुईं घटनाओं से भी नहीं चेत रहे हैं।