सीएमओ के बेटे के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद उनके आवास के 250 मीटर के इलाके को सील कर दिया गया था। इससे विकास भवन जाने वाला मार्ग अवरुद्ध हो गया था। 14 दिन की अवधि पूरी होने पर शनिवार को इस सड़क को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इधर, विवेकनगर इलाके में महिला डॉक्टर के संक्रमित मिलने पर कंटेनमेंट जोन की समय सीमा 14 दिन के लिए और बढ़ा दी गई है। इधर, बलीपुर और दिलेरगंज, सुजौली में कोरोना मरीज मिलने पर 14 दिन के लिए सील कर दिया गया है।
जिले में वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण ने एक बार फिर पांव पसारना प्रारंभ कर दिया है। विवेक नगर मोहल्ले में एएनएम के संक्रमित मिलने पर इलाके को दस दिन पहले सील किया गया था। शुक्रवार को एक महिला चिकित्सक के संक्रमित मिलने पर 14 दिन के लिए और समयसीमा बढ़ा दी गई है।
इधर, बलीपुर में स्वास्थ्य कर्मचारी के पॉजिटिव मिलने पर शुक्रवार की देर शाम इलाके को सील कर दिया गया है। 13 दिन पहले सीएमओ के बेटे के कोरोना संक्रमित मिलने पर सीएमओ आवास की ढाई सौ मीटर परिधि को सील कर दिया गया था। गाजी चौराहा से अल्का पेट्रोल पंप तक का रास्ता सील होने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लोक निर्माण विभाग, जलनिगम, डूडा, एसपी ऑफिस और दीवानी न्यायालय परिसर का कार्यालय भी सील कर दिया गया था। शनिवार की शाम 14 दिन की अवधि पूरा होने पर इलाके को खोल दिया जाएगा। सीएमओ डा. अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिस इलाके में मरीज मिलेंगे, उसे 14 दिन के लिए सील किया जाएगा।
स्टाम्प वेंडरों ने एसबीआई के खिलाफ किया प्रदर्शन, नारेबाजी
एसबीआई की मुख्य शाखा में 50 हजार रुपये से कम की नगदी नहीं जमा करने से नाराज स्टांप वेंडरों ने शुक्रवार को कचहरी में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। स्टांप वेंडरों का आरोप है चीफ मैनेजर की मनमानी के चलते रुपये नहीं जमा हो रहे हैं।
इससे स्टांप वेंडरों का नुकसान हो रहा है।
कोषागार में नगद भुगतान पर स्टांप की बिक्री पर रोक लगने और एसबीआई में जमा करने के आदेश के बावजूद नगद राशि जमा नहीं हो रही है। शुक्रवार को कचहरी में एकत्रित स्टांप वेंडरों ने नारेबाजी कर डीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
जिसमें एसबीआई प्रबंधक पर मनमानी का आरोप लगाते हुए वेंडरों को राहत देने के लिए कैश जमा करने की मांग की गई है। इस मौके पर अखिलेश कुमार, सुरेंद्र पांडेय, राजबली यादव, काशी प्रसाद तिवारी, राकेश कुमार गुप्ता, हनुमत ओझा, नीरज पांडेय, दिनेश कुमार, देवी प्रसाद, रामसुमेर पाल, अरविंद पाल प्रमुख रूप से मौजूद रहे।