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पुरवइया की मस्ती ने छीना सुकून

Tue, 19 May 2015 11:31 PM IST
ब्यूरो।अमर उजाला प्रतापगढ़
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मंगलवार को दिनभर पुरवइया हवा की मस्ती ने आम लोगों का चैन-सुकून छीन लिया। दिन में बाहर तेज धूप लोगों को जलाने पर आमादा थी तो घर के भीतर उमस के कारण बुरा हाल था। हर जगह लोग पसीने से तरबतर थे। कहीं भी चैन नहीं मिल रहा था। धूप के कारण कई लोग गश खाकर गिर पड़े। सनई अनुसंधान केंद्र के मुताबिक शनिवार को अधिकतम तापमान 41.2 और न्यूनतम तापमान 26.3 रिकार्ड किया गया।
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मौसम विशेषज्ञ देशराज मीना के मुताबिक, पुरवइया हवा चलने के कारण गर्मी और उमस बढ़ गई। उन्होंने बताया कि पुरवइया की चाल में बदलाव के आसार नहीं है। मतलब यह कि गर्मी के साथ और उमस बढ़ने की संभावना है। सुबह के वक्त न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। दोपहर के वक्त पारा चढ़ा और यह तापमान बढ़ कर 40.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। गर्मी और उमस को बुजुर्ग व युवा और अधेड़ किसी तरह झेलते रहे। सबसे ज्यादा परेशान छोटे बच्चे रहे।


उमस और गर्मी से बेहाल राहगीरों की मजबूरी का दुकानदारों ने खूब फायदा उठाया। अंबेडकर चौराहा, रोडवेज बस अड्डा और रेलवे स्टेशन पर जिस पानी की बोतल का दाम 20 रुपये था, उसकी कीमत ग्राहकों से 22 से 23 रुपये वसूल की गई। बेहाल ग्राहक प्यास बुझाने के लिए दुकानदारों की इस मनमानी को झेलते रहे। खीरा बेचने वालों ने भी प्रति पीस एक से दो रुपये तक दाम बढ़ा दिए थे।
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मौसमविद् देशराज मीना की मानें तो पुरवइया हवा से उमस बढ़ने की एक खास वजह होती है। यह हवा गर्म होती है और इससे बादल भी आ जाते हैं। हवा की गर्मी और बादलों की नमी के कारण तापमान में गर्मी और नमी के मिश्रण से उमस पैदा हो जाती है। नमी के कारण शरीर को हवा असर नहीं करती और गर्मी रहती ही है। इससे बदन का पसीना सूख नहीं पाता। पसीना बराबर बहते रहने से शरीर में पानी की मात्रा घट जाती है। जिसकी वजह से आदमी व्याकुल हो कर झल्लाने लगता है। मौसम विद के तजुर्बे की पुष्टि जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. पीएस मिश्र भी करते हैं।
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