देवउठनी एकादशी जिले में शनिवार को धूमधाम से मनाई गई। दीयों की रोशनी से घर-आंगन जगमगा उठे। महिलाओं ने दिनभर व्रत रखा। शाम को माता तुलसी और भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की। कुंडा में गंगाघाटों पर दीपोत्सव हुआ। मंदिरों व अन्य घाटों पर लोगों ने दीये जलाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
वहीं, शहर एवं ग्रामीण अंचल के बाजारों में रौनक रही। महिलाओं ने पूजा के लिए शकरकंद, सुथनी, सिंघाड़ा, मूली, गाजर, बैंगन व गन्ने की खरीदारी की। बाजारों व चौराहों पर लगी गन्ने की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रही। पल्टन बाजार, सब्जी मंडी, दहिलामऊ, सिविल लाइन, मंडी व चिलबिला बाजार में व्रत पूजा के सामान की खरीदारी हुई।
51 सौ दीपों से जगमग हुआ गंगा घाट
परियावां। कालाकांकर विकास क्षेत्र के नवाबगंज मुरस्सापुर गंगा घाट पर देव एकादशी पर शनिवार शाम श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सोनामऊ के जीवनलाल के नेतृत्व में 51 सौ दीपों का दान किया गया। गंगा घाट दीपों की रोशनी में जगमगा उठा। मुख्य अतिथि जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रदेश अध्यक्ष एवं बाबागंज विधायक विनोद सरोज रहे। इस मौके पर हरिओम श्रीवास्तव, पूर्व ब्लॉक प्रमुख बीएन सिंह, योगेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. सत्यपाल वर्मा, पिंटू सिंह, संजय तिवारी, युवराज साहू, सुरेश यादव और गोपाल अग्रहरि उपस्थित रहे। दीपदान के बाद गंगा आरती हुई। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। घाट पर देररात तक भक्तों की भीड़ रही। संवाद
मंदिरों में हुआ तुलसी विवाह
शहर के मां बेल्हा देवी धाम, बलीपुर स्थित दुर्गा मंदिर में भी तुलसी विवाह का कार्यक्रम हुआ। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। ज्योतिषाचार्य विजय विवेकानंद ने बताया कि तुलसी विवाह का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन माता तुलसी का विवाह भगवान विष्णु के शालिग्राम रूप से हुआ।