फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुराइयों के साथ दहन हो गई होलिका, आज बरसेंगे रंग

विज्ञापन
चौक के श्यामविहारी गली में होलिका दहन करते लोग। - फोटो : PRATAPGARH
विज्ञापन
जिले में सोमवार शाम 2613 स्थानों पर धूमधाम से होलिका दहन किया गया। होलिका में लोगों ने अपनी बुराइयों का भी दाह करने के साथ नया संकल्प लिया। देर रात तक होलिका स्थलों पर लोग जमे रहे। जगह-जगह आतिशबाजी भी होती रही।
विज्ञापन

शहर के विभिन्न चौराहों पर होलिका जलाने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। इस दौरान लोग आतिशबाजी भी करते रहे। मंगलवार को सुबह से रंग बरसने शुरू हो जाएंगे।
रंगों के त्योहार पर आज दिनभर रंग बरसेंगे। अबीर-गुलाल उड़ेगा। शहर से लेकर गांव तक होली के त्योहार की खुशियां साझा करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां होती रहीं।
विज्ञापन

शहर और गांव में सप्ताह भर से सजी होलिका शाम होते ही धू-धू कर कर जल उठी। श्यामबिहारी गली में महिलाओं ने दोपहर में एकत्रित होकर होलिका का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया।
शहर के सदर बाजार, चौक, श्यामबिहारी गली, भगवाचुंगी, सरोज तिराहा पर पखवारे भर से लगी होलिका शाम को साढ़े सात बजते ही धू-धू कर जल उठी। शहर के श्यामबिहारी गली में लगी होलिका की पूजा करने स्थानीय महिलाएं उमड़ पड़ीं।
विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर महिलाओं ने प्रसाद बांटा। भगवाचुंगी पर शाम साढ़े सात बजे होलिका दहन करने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। होलिका दहन के पहले पूजन किया और मौजूद लोगों ने परिक्रमा की।
होली का पर्व धूमधाम से मनाने के लिए लोग सप्ताह भर से तैयारियों में जुटे हुए थे। शहर से गांव तक लोग होली का प्रमुख पर्व मनाने के लिए अलग-अलग तरह से तैयारियां कर रखे हैं। वैसे तो होलिका दहन के साथ ही रंग बरसने का दौर प्रारंभ हो जाता है, हालांकि मंगलवार की सुबह से ही रंग खेलना लोग प्रारंभ करते हैं।
शहर में सुबह के समय रंग खेलने और दोपहर बाद एक-दूसरे को अबीर लगाकर गले मिलने का क्रम प्रारंभ होता है। जबकि ग्रामीण इलाकों में रंग बंद होने का कोई समय नहीं होता है। गांव की महिलाएं देरशाम तक रंग भरी होली खेलती हैं।
सुबह खेलें होली, शाम को अबीर के साथ मिलें गले
अपर जिलाधिकारी शत्रोहन वैश्य ने कहा है कि होली के त्योहार की खुशियां तो बांटें, मगर अपने सेहत का भी ख्याल रखें। दोपहर तक रंगों की होली खेलनी चाहिए और दोपहर बाद अबीर-गुलाल लगाकर एक-दूसरे के गले मिलकर होली की बधाई देना चाहिए।

चौक स्थित श्यामविहारी गली में होलिका पूजन करतीं महिलाएं।- फोटो : PRATAPGARH

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें