जिले के सात एचआईवी संक्रमित मरीज तीन साल से ऑपरेशन के लिए दर-दर भटक रहे हैं। कोई डॉक्टर उनकी मदद को आगे नहीं आ रहा है। सात में से तीन हॉर्निया, तीन बच्चेदानी और एक पथरी के मरीज हैं।
जिले में 4,959 मरीज पंजीकृत हैं। इनमें से 2,157 लोग प्रतिमाह एआरटी सेंटर से दवा ले रहे हैं। बाकी मरीज दूसरे जनपद से दवा लेकर खा रहे हैं। एचआईवी पीड़ितों के लिए काम करने वाली पीएनपी संस्था के अध्यक्ष विनोद यादव ने बताया कि सातों मरीजों का ऑपरेशन होना है। यह मरीज बीते तीन साल से ऑपरेशन कराने के लिए मेडिकल कॉलेज का चक्कर काट रहे हैं। यहां तैनात सर्जन ऑपरेशन करने में आनाकानी कर रहे हैं।
पीएनपी संस्था के अध्यक्ष ने इन मरीजों की समस्याएं सुनीं। इस मामले का मुख्यमंत्री ने भी संज्ञान लिया। तीन साल पहले मुख्यमंत्री ने एचआईवी संक्रमितों के ऑपरेशन के लिए प्राचार्य और सीएमओ को आदेश दिए थे। लेकिन मरीजों का आज तक ऑपरेशन नहीं हो सका।
क्या बोले सीएमओ :-
पूर्व सीएमओ को कौन पत्र दिया है मुझे नहीं पता है। मेरे पास एक भी पत्र नहीं आया है। जिन एचआईवी संक्रमितों का ऑपरेशन होना है, उनकी सूची तैयार कर पीएनपी संस्था हमें दे। मरीजों का ऑपरेशन कराया जाएगा। ऑपरेशन से इन्कार करने वाले डाॅक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डाॅ. एएन प्रसाद, सीएमओ।
पूर्व में मेरे पास एक ही ओटी थी। इसलिए ऑपरेशन में दिक्कतें आती थीं। अब तो दो ओटी हो गई है। एचआईवी संक्रमित मरीज आएं, उनका ऑपरेशन कराया जाएगा। ऑपरेशन में लगने वाले उपकरण की मांग प्राचार्य से की जाएगी।
- शैलेंद्र कुशवाहा, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज।