संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। पट्टी क्षेत्र में सबसे ज्यादा एचआईवी संक्रमित मरीज हैं। मगर यहां पर कंफर्मेटिक जांच का इंतजाम ही नहीं है। इससे लक्षण वाले मरीजों का जांच नहीं हो पा रहा है। उन्हें जिला मुख्यालय का चक्कर काटना पड़ रहा है। लालगंज क्षेत्र में कम मरीज हैं तो यहां पर तीन-तीन सेंटरों पर कंफर्मेटिक जांच की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग कर रखा है।
जनपद में 3.308 एचआईवी संक्रमित मरीज हैं। इनमें पट्टी तहसील क्षेत्र में ही 940 मरीज हैं। जबकि सदर में 831, रानीगंज में 407, लालगंज में 519 और कुंडा में 611 संक्रमित हैं। विभाग के एक कर्मचारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि इन दिनों पट्टी में तेजी से संक्रमितों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। पीएनपी संस्था के अध्यक्ष विनोद यादव ने कहा कि पट्टी तहसील क्षेत्र में सबसे ज्यादा ट्रक चालक हैं। दिल्ली और मुंबई में रहकर ट्रक व टैक्सी चलाते हैं। वहां से लौटते समय एचआईवी संक्रमित होकर घर आते हैं। इसके बाद पत्नी को भी संक्रमित कर देते हैं। उन्होंने कहा कि पट्टी सीएचसी को एफआरयू बनाया गया है। मगर वहां पर एचआईवी कंफर्मेटिक जांच की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में इस क्षेत्र के लोगों को जांच कराने के लिए जिला मुख्यालय का चक्कर काटना पड़ता है। इससे मरीज परेशान होते हैं। जिनमें लक्षण पाया जाता है वे भय और लोक लाज बस किसी से बताते नहीं है। दूर होने के कारण जांच कराने नहीं आते हैं।
इन सेंटरों पर है कंफर्मेटिक जांच की व्यवस्था
एचआईवी संक्रमितों को कंफमेर्टिक जांच के लिए लालगंज, सांगीपुर, रामपुर संग्रामगढ़, कुंडा और मेडिकल कॉलेज के पुरुष के अलावा महिला विंग में कंफर्मेटिक जांच किया जाता है। बाकी रानीगंज, पट्टी के लोगों को परेशान होना पड़ता है। इस मामले में सीएमओ डॉ. जीएम शुक्ल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि एचआईवी संक्रमितों के जांच के लिए पट्टी और रानीगंज में व्यवस्था किया जा रहा है। इसके अलावा अब गांव-गांव कैंप लगाकर संदिग्धों का कंफर्मेटिक जांच किया जाएगा।