टीकाकरण अभियान में प्रतापगढ़ समूचे मंडल में तीसरे स्थान पर रहा। अपर निदेशक एवं परिवार कल्याण इलाहाबाद द्वारा भेजी गई प्रगति रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि वर्ष 2015-16 में कुल 10.47 प्रतिशत ही टीकाकरण हो सका है। जबकि इलाहाबाद मंडल में सबसे निचले पायदान पर रहा। यहां पर 6.91 प्रतिशत का योगदान रहा। शिशुओं को छह जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिये जिले में समय-समय पर टीकाकरण कार्यक्रम का अभियान चलता है। वर्ष 2015-16 में जिले में 89066 के लक्ष्य के सापेक्ष कुल 9328 बच्चे ही पूर्ण प्रतिरक्षित हो सके हैं। इस तरह के 10.47 प्रतिशत ही टीकाकरण हो सका है।
इस बार टीकाकरण अभियान को पूर्ण करने के लिये शासन स्तर से भी जोर आजमाइश की गई थी। मगर उसका नतीजा सबके सामने है। पता चला है कि खानाबदोस का जीवन-यापन करने वाले और ईंट-भट्ठों पर काम करने वालों के बच्चे टीकाकरण से वंचित रह जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग इसकी वजह उनका घूमतूं जीवन बताता है। पूर्ण प्रतिरक्षण कार्यक्रम मेें इलाहाबाद मंडल में फतेहपुर पहले, कौशांबी दूसरे और प्रतापगढ़ को तीसरा स्थान मिला है। जबकि इलाहाबाद को चौथे स्थान पर संतोष करना पड़ा। प्रगति से असंतुष्ट अपर निदेशक स्वास्थ्य इलाहाबाद ने सीएमओ को निर्देश दिया है कि वे ब्लाकवार टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा करें। सभी प्रभारियों को चेतावनी दी है कि वे इसमें सुधार लाएं।