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कहीं बुखार न हो जाय जानलेवा

Thu, 28 Jul 2016 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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लगातार मौसम के बदलते मिजाज के चलते अधिकतर लोग मौसमी बुखार की गिरफ्त में हैं। ऐसे में तनिक भी लापरवाही यह मौसमी बुखार उनके लिए जानलेवा साबित होता जा रहा है। सप्ताहभर के भीतर दर्जन भर से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। बुधवार को बुखार से पीड़ित एक और युवक की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। मौसम में बदलाव के साथ ही सर्दी, खांसी, जुकाम व बुखार से लोग पीड़ित हैं। बदल रहे मौसम के चलते अस्पताल मरीजों से पटे पड़े हैं। सामान्य बुखार का बेहतर इलाज न करने पर लोगों की जान पर संकट बन जाती है। रखहा संवाददाता के मुताबिक कंधई थाना क्षेत्र के आसलपुर निवासी सुरेंद्र कुमार (19) पुत्र मोतीलाल दो सप्ताह पहले बुखार की चपेट में आया।
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वह इलाके के ही चिकित्सकों से अपना इलाज कराता रहा। तीन दिन पहले तबीयत बिगड़ी तो परिजनों ने उसे शहर के सदर बाजार स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां जांच के बाद डाक्टरों ने बताया कि सुरेंद्र दिमागी बुखार से पीड़ित है। इलाज के दौरान बुधवार की रात उसकी मौत हो गई। यह खबर घर पहुंची तो लोग रोने - बिलखने लगे। बता दें कि इसके पहले पट्टी कोतवाली क्षेत्र के सदहा निवासी राज बहादुर यादव की मौत बुखार की चपेट में आने से हो चुकी है। कंसापट्टी निवासी रफीउल्ला के पुत्र जाहिद और मंदाह निवासी रमेश वर्मा की भी मौत बुखार की चपेट में आने से हो चुकी है। नगर कोतवाली के पूरेनरसिंहभान की दस वर्षीय समा भी बुखार की चपेट में आने से मौत के मुंह में समा गई। इसके अलावा जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती पांच बुजुर्गों ने बुखार के प्रकोप से दम तोड़ा है।
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