अस्पताल में प्रसव कराने के मामले में डीएम के आदेश पर जिला स्वास्थ्य समिति ने सीएचसी बेलखरनाथ धाम में जांच के लिए टीम गठित की है। टीम के सदस्य गांव-गांव जाकर प्रसूताओं से जानकारी करेंगे कि प्रसव सरकारी में कराया गया या निजी अस्पताल में।
जिन आशाओं ने कमीशन खाने के चक्कर में निजी अस्पताल में प्रसव कराया है, उनकी सेवाओं को समाप्त करने के साथ ही भुगतान की गई धनराशि वापस जमा कराई जाएगी। जिला स्तरीय जांच टीम में दो डिप्टी सीएमओ, सीएचसी अधीक्षक, बीपीएम और बीसीपीएम के साथ आशा कार्यकर्ता भी मौजूद रहेंगी।
अगस्त में डीएम ने जांच टीम गठित करके पूरे मामले की जांच कराने को कहा था। जिले के तीन ब्लाॅकों में जांच की गई है, जिसमें सबसे अधिक प्रसव निजी अस्पताल में कराने का मामला सामने आया है। तीसरे चरण में सीएचसी बेलखरनाथ धाम में गांव-गांव जाकर टीम के सदस्य पता लगाएंगे। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरिफ ने बताया कि अगर किसी आशा की संलिप्तता मिलती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।