हेडमास्टरों से छिना स्वेटर खरीद का अधिकार
200 रुपये का स्वेटर 168 रुपये में बांटेगी संस्था
पहली बार आनलाइन टेंडर में 17 ब्लाकों के लिए चार संस्थाओं का हुआ चयन
प्रतापगढ़। घटिया खेल सामग्री और पुस्तकें खरीदने वाले हेडमास्टरों को इस वर्ष स्वेटर में कमीशन खाने का मौका नहीं मिलेगा। जिला प्रशासन ने इस वर्ष स्वेटर वितरित करने की जिम्मेदारी लखनऊ और दिल्ली की चार संस्थाओं को दी है। वह सिर्फ गुणवत्तायुक्त स्वेटर ही नहीं बाटेंगी, बल्कि बेसिक शिक्षा विभाग को 72 लाख रुपये का फायदा भी कराएंगी।
बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में पढने वाले 2,26,000 बच्चों को ठंड से बचाने के लिए एक-एक स्वेटर बांटने के लिए जिले को बजट मिला है। अभी तक बच्चों को ड्रेस और स्वेटर खरीदकर बांटने की जिम्मेदारी स्कूलों के हेडमास्टरों को दी जाती थी। विभागीय अधिकारी हेडमास्टरों के खाते में धनराशि भेज देते थे। हेडमास्टर अपनी इच्छा के अनुसार बाजार से खरीद कर बच्चों को बांटते थे। मगर इस वर्ष खेल सामग्री और पुस्तकालय के लिए पुस्तक खरीद में हुई कमीशनबाजी को देखकर हेडमास्टरों से यह अधिकार छीनकर लखनऊ और दिल्ली की संस्थाओं को दे दिया गया है। शासन ने प्रति स्वेटर खरीद के लिए 200 रुपये दिए थे। मगर संस्थाएं स्वेटर 168 रुपये में देने को तैयार हैं। आनलाइन टेंडर का फायदा यह रहा कि बेसिक शिक्षा विभाग के 72 लाख रुपये बच गए हैं। विभाग में पहली बार हुई इस पहल से अधिकारी जहां खुश हैं, वहीं हेडमास्टरों में मायूसी छाई है।
सोमवार से स्कूलों में बंटेंगे स्वेटर
जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में सोमवार से स्वेटर का वितरण प्रारंभ हो जाएगा। 35,000 स्वेटर की पहली खेप बीआरसी पर पहुंच गई है। सोमवार से बच्चों को मिलना प्रारंभ हो जाएगा।
पहली बार ठंड पड़ने से पहले मिलेंगे स्वेटर
परिषदीय स्कूलों के बच्चों को वैसे तो हर साल स्वेटर बांटे जाते हैं, मगर स्वेटर उस समय मिलता था जब आधी ठंड बीत जाती थी। इस बार पहली बार ऐसा होगा जब ठंड प्रारंभ होने के साथ ही बच्चों को स्वेटर मिलेंगे।
इस वर्ष हेडमास्टरों से स्वेटर खरीदकर बांटने का अधिकार छीन लिया गया है। लखनऊ और दिल्ली की चार संस्थाओं को ब्लाक आवंटित करके 168 रुपये की दर से भुगतान करने का निर्णय लिया गया है। संस्थाओं ने सोमवार से स्वेटर मुहैया कराने को कहा है।
अशोक कुमार सिंह, बीएसए।