महाशिवरात्रि पर्व पर आराध्य देव भगवान शिव के इस रूप का ध्यान कर शुक्रवार को भगवान भोले के प्रति आगाध प्रेम और श्रद्धा का सैलाब शिवालयों में टूट पड़ा था। चहुंओर हर-हर महादेव और घंटा-घड़ियालों के बीच केवल बोलबम की ही गूंज कानों में सुनाई दे रही थी। जलाभिषेक की जलधारा शिवलिंग को ओत-प्रोत कर रही थी। महाशिवरात्रि पर्व पर बाबाबेलखरनाथ धाम, घुइसरनाथ धाम, भयहरणनाथ धाम, बाबामहाकाल, अवधेश्वनाथ धाम, मां बेल्हा देवी शिवमंदिर, रेलवे स्टेशन रोड हनुमान मंदिर में स्थापित शिवलिंग और शिव मंदिर में जलाभिषेक करने वालों का हुजूम उमड़ा रहा।
हर कोई बाबा भंडारी की एक झलक पाने के लिए लालयित दिखा। श्रद्धालुओं की भीड़ से खचाखच भरे पौराणिक शिवधाम बाबाबेेलखरनाथ और घुइसरनाथधाम में भीड़ का यह आलम था कि पुलिस लगानी पड़ी। हाथों में जल लेकर लोग एक दूसरे पर गिर पड़ रहे थे। धक्का-मुक्की के बीच लोग गिरते-पड़ते नजर आए। भीड़ का यह हाल था कि लोग लंबी लाइनों में घंटों खड़े होकर जलाभिषेक का इंतजार करते रहे। मंदिर से बाहर सड़क तक भीड़ लगी थी। मन की आस्था की लहरें हिलोर मार रही थी। कब प्रभु के दर्शन होंगे कब जलाभिषेक होगा हर कोई इसी कामना से अपनी बारी का इंतजार करता नजर आया। पात्र में जल के साथ धतृरे का फल, मदार का फूल, भांग, प्रसाद, बेर, गेहूं की बाली आदि से श्रद्धालुओं ने शिवलिंग का जलाभिषेक किया। धामों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सडक़ पर जगह-जगह बैरियर लगा रखे थे। पुलिस द्वारा वाहनों को बैरियर पर रोक दिया जा रहा था। इसके बाद भी रसूख वाले लोग अपना वाहन लेकर अंदर चले जा रहे थे। जगह-जगह शिवजाप के कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया था।
घुइसरनाथ में उमड़ा सैलाब
महाशिवरात्रि के दिन शुक्रवार को बाबा भोले की नगरी घुइसरनाथ धाम आस्था व श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। लाखों शिवभक्तों ने जयकारे के साथ जलाभिषेक किया। दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भारी को संभालने के लिए पुलिस व पीएसी के जवान तैनात किए गए थे।
जिले का विख्यात बाबा भोलेनाथ की स्थली घुइसरनाथ धाम में महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। भोर तीन बजे ही मंदिर का कपाट खोल दिया गया था। मंदिर का कपाट खुलते आस्था व श्रद्धा का सैलाब जलाभिषेक को उमड़ पड़ा। बोल बम का नारा है भोले तेरा सहारा के जयकारे के साथ जलाभिषेक का रेला उमड़ पड़ा। जैसे जैसे सुबह होती गई वैसे वैसे श्रद्धालुओं का हुजूम बढ़ता गया। सात बजते-बजते तो मंदिर परिसर भीड़ से भर गया। मंदिर के मुख्य गेट पर भीड़ को संभालने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी।
जलाभिषेक के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पीएसी के जवानों के साथ स्वयं सेवी सस्थाओं के लोग लगे थे। वाहनों को रोकने के लिए मंदिर परिसर के कुछ दूरी पर लालगंज व सांगीपुर की ओर प्रशासन ने बैरिकेडिंग की व्यवस्था कराई थी। यहां उनके वाहनों को रोक दिया गया और श्रद्धालु पैदल ही मंदिर में दर्शन पूजन व जलाभिषेक के लिए पहुंचे। दोपहर बारह बजे तो बाबा धाम मेें श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। महिला श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए अलग कतार लगी थी जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी महिला एसओ व सिपाहियों पर थी। दोपहर बाद भीड़ कुछ कम हुई तो प्रशासन ने राहत की सांस ली। लेकिन शाम तक मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु पहुंचते रहे।